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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 6 Jan 2026 7:07 PM |   191 views

मरीज फाइलेरिया प्रभावित अंग की करें देखभाल

देवरिया- फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बरौली में मंगलवार को सीएचओ के नेतृत्व में गठित पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सदस्य सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी प्रशिक्षण दिया गया।
 
मरीजों को रुग्णता प्रबंधन और दिव्यांगता निवारण किट का वितरण किया गया, जिससे वह घर पर ही अपने घावों और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें। इसके साथ ही व्यायाम करने के टिप्स दिए गए। इस दौरान 10 फाइलेरिया (हाथीपांव) के मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया।सीएचओ ने डेमो देकर प्रभावित अंग की साफ सफाई की जानकारी दी। 
 
पीएसपी सदस्य सीएचओ वरुण चौरसिया ने कहा कि फाइलेरिया प्रभावित अंग की सही देखभाल, साफ सफाई और व्यायाम से हाथीपांव को आराम मिलता है। सीएचओ ने किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टावेल, एंटीसेप्टिक व अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि करके दिखाया व मरीजों को समझाया।
 
पीएसपी सदस्य ग्राम प्रधान विनय पाण्डेय ने बीमारी की गंभीरता के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं। इससे व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है।
 
पीएसपी सदस्य एएनएम नेहा ने बताया कि महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन भी फाइलेरिया हो सकता है। शुरुआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार पांच साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है। 
 
कार्यक्रम में सहयोगी संस्था सीफारजिला प्रतिनिधि सहित पीएसपी सदस्य संगिनी मंजू देवी, फाइलेरिया मरीज जोखू, आशा, आंगनबाडी, फाइलेरिया मरीज, वालेंटियर और ग्रामीण मौजूद रहे।
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