साक्षात्कार
उत्तर प्रदेश मे महिला उत्पीड़न के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए निष्पक्ष प्रतिनिधि के संपादक राकेश मौर्य ने राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष चारु चौधरी का साक्षात्कार किया । प्रस्तुत है साक्षात्कार के प्रमुख अंश ——
संपादक – आजकल घरेलू महिलाओं के उत्पीड़न संबंधित मामले क्यों ज्यादा बढ़ रहे हैं? इसका कारण क्या है ?
चारु चौधरी – देखिए पहले भी महिला उत्पीड़न के मामले होते थे। लेकिन अब महिलाएं जागरूक हो गई है, वह शिक्षित हो गई है तो मामले सामने नजर आने लगे हैं। घरेलू उत्पीड़न और दहेज के मामले,मानसिक उत्पीड़न जैसी समस्या पितृसत्ता वाले समाज में आज भी दिखती है। महिलाओं को स्वयं के प्रति जागरूक होने के कारण आजकल मामले ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।हम लोगों को समझना होगा कि महिलाओं का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भर बनाना एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व होना चाहिए । हम सब महिलाओं के लिए खड़े हो ।
संपादक – कुछ मामलों में ऐसा भी देखने को मिलता है कि पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करती है,तो पीड़ित महिला क्या करे ?
चारु चौधरी – हम लोगों के सामने भी ऐसे मामले आते हैं कि जब महिलाएं जाती हैं, पुलिस वालों के पास तो मामले को दर्ज नहीं करते हैं | इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। वह पुलिस के बड़े अधिकारी के पास जा सकती हैं या ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकती है । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग या राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन या सीधे प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज करा सकती है।
संपादक – कार्यालय में भी महिलाओं का उत्पीड़न होता है लेकिन वह कुछ कह नहीं पाती है, कामकाजी महिलाएं शिकायत कैसे दर्ज करा सकती है?
चारु चौधरी – कार्यस्थल पर अगर किसी महिला के साथ मानसिक या यौन उत्पीड़न होता है तो एक इंटरनल कमेटी जिसे हम आई सी बोलते हैं। इसका गठन हर जगह अनिवार्य है लेकिन अगर वहां भी उचित कार्रवाई नहीं होता है | वह महिला जिला स्तर पर पुलिस या राज्य महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती है लेकिन कामकाजी महिलाओं के लिए हर जगह यह कमेटी बनाना अब अनिवार्य हो गया है।
संपादक – शी बॉक्स क्या है? और यह कैसे काम करता है?
चारु चौधरी- SHe-Box (Sexual Harassment electronic-Box) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन पोर्टल है । यह महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक सुरक्षित और गोपनीय मंच प्रदान करता है। यह पोर्टल सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली सभी महिलाओं के लिए खुला है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से सुरक्षित रखी जाती है और शिकायत सीधे संबंधित विभाग या आंतरिक समिति (Internal Committee – IC) को भेज दी जाती है।
संपादक – आजकल स्कूल/ कॉलेज जाने वाली लड़कियों को भी महिला उत्पीड़न संबंधी जानकारी देनी चाहिए और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होने चाहिए। इस दिशा में राज्य महिला आयोग क्या कर रहा है?
चारु चौधरी- पहले हम लोग जनसुनवाई कार्यक्रम जनपद स्तर पर करते रहते थे । लेकिन अब चौपाल भी लगा रहे हैं। “महिला आयोग आपके द्वार “हमारी कोशिश है कि हम जन-जन तक पहुंचे ,कॉलेज और स्कूलों में भी हम जागरूकता अभियान चला रहे हैं । हर महिला को हमारे हेल्पलाइन नंबर 181 आपातकालीन नंबर 112 और वूमेन पावर लाइन 1090 की जानकारी होनी चाहिए और यह बहुत बढ़िया चल रहा है 10 मिनट में आपके दरवाजे पर पुलिस आ जाती है किसी भी महिला को अपनी आवाज को दबाना नहीं है , आवाज को उठाना है।
संपादक- क्या हेल्पलाइन नंबर से भी आप लोग पीड़िता को न्याय दिलाने में सहायक साबित होते हैं?
चारु चौधरी- जी हां ,तत्काल तो पीड़ित को राहत मिल ही जाता है | जब पुलिस आपके दरवाजे पर पहुंच जाती है और उसके बाद वह पीड़ित हम लोगों से संपर्क कर सकती है या ईमेल के जरिए अपने शिकायती पत्र हमें भेज सकती है । लेकिन हेल्पलाइन नंबर को हर महिला को जानना बेहद जरूरी है ।
संपादक – आप उत्तर प्रदेश की महिलाओं को क्या सुझाव देना चाहती है?
चारु चौधरी – मैं हर महिला को और हर बेटी को यही कहना चाहूंगी कि आप अपने आप को कमजोर ना समझे अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहें और अन्याय के खिलाफ आवाज जरूर उठाएं |चुप ना रहे| क्योंकि किसी प्रकार का उत्पीड़न आपके साथ होता है तो आप नहीं बताएंगी |तो हम कैसे आपकी मदद कर सकते हैं ? साथ ही हर बेटी ,हर महिला को यही कहना चाहूंगी कि उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य महिला आयोग हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। आप लोग एक कदम चलिए हम 100 कदम आपके साथ चलने को तैयार है। महिला की सुरक्षा और उनका सम्मान,आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार और महिला आयोग प्रतिबद्ध है।
संपादक –धन्यवाद
चारु चौधरी -नमस्कार |
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