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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 11 Nov 2025 7:37 PM |   393 views

महाभारत सर्किट बनेगा पर्यटन का मुख्य केंद्र- जयवीर सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महाभारत सर्किट अंतर्गत मेरठ जिला के परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। श्रृंगी ऋषि आश्रम के संबंध में मान्यता है कि यहीं से कलयुग की शुरुआत हुई थी। महाभारत काल से जुड़ी कई घटनाएं यहां हुई थी। महाभारत काल के साक्षी रहे श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 में 02 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है।
 
यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मेरठ जनपद अंतर्गत आश्रम में ऋषि श्रृंगी और ऋषि शमीक की प्रतिमा है, जिनसे जुड़ी कहानियां पर्यटकों में जिज्ञासा पैदा करती है। यहां स्थित यज्ञशाला पर पदचिन्ह के निशान आगंतुकों को इतिहास से वर्तमान से जोड़ते हैं।
 
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्राचीन स्थल का विशेष धार्मिक महत्व है। द्वापर युगीन पौराणिक भूमि को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।  
 
पर्यटन मंत्री ने बताया कि जनपद में श्रृंगी ऋषि आश्रम के अलावा नौचंदी परिसर स्थित मां चंडी देवी मंदिर, मेरठ कैंट स्थित बिलेश्वर नाथ मंदिर, बाबा औघड़नाथ मंदिर, इतिहास का साक्षी रहा हस्तिनापुर, गांधारी सरोवर, गोपेश्वर मंदिर, कात्यायनी देवी मंदिर आदि हैं। इन धार्मिक स्थलों की मान्यता सदियों से विद्यमान है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटन घूमने आते हैं।
 
पर्यटन के लिहाज से मेरठ जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र रहा है। महाभारत काल से जुड़ी कई मान्यताएं क्षेत्र से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के करीब होने का फायदा भी आगंतुकों को मिलता है। लखनऊ या अन्य रास्तों से भी मेरठ तक पहुंचना सुलभ है।
 
वर्ष 2024 में मेरठ आने वाले पर्यटकों की संख्या 37,78,066 रही थी, जो वर्ष 2025 के जनवरी से जून तक 10,60,531 रही। बड़ी संख्या में पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि रोजगार के भी रास्ते खुले हैं।
 
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