Wednesday 22nd of July 2026 07:06:29 AM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 3 May 2025 7:15 PM |   405 views

10वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार प्रदान किये गये

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और भारतीय जनसंचार संस्थान द्वारा आज मुंबई में विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) से इतर 8वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 12 उत्कृष्ट सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को 10वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार से सम्मानित किया।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. एल. मुरुगन ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य नवाचार, समावेशिता और प्रभाव के माध्यम से भारत में सामुदायिक मीडिया को मजबूत करना है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि सामुदायिक रेडियो देश के सभी कोनों में नागरिकों तक पहुँचने का एक साधन है। उन्होंने कहा कि देश भर के सामुदायिक रेडियो किसी न किसी कल्याणकारी उद्देश्य में लगे हुए हैं और भारतीय परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा देने सहित अच्छे उद्देश्यों का समर्थन कर रहे हैं।

सामुदायिक रेडियो स्टेशन प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की परिकल्‍पना और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण विकास पहलों को देश के सभी हिस्सों में ले जा रहे हैं। ये स्टेशन महिलाओं और आदिवासी समुदाय जैसे विभिन्न समुदायों और समूहों के लिए कल्याणकारी गतिविधियों का एक नया आयाम दे रहे हैं।

वेव्स 2025 के पहले संस्करण के बारे में बोलते हुए, डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि इससे नए विचार आएंगे और रचनात्मक अर्थव्यवस्था एक उभरता हुआ क्षेत्र है जो आने वाले दिनों में प्रमुख भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू, संयुक्त सचिव (प्रसारण) एवं एनएफडीसी के एमडी पृथुल कुमार तथा आईआईएमसी की कुलपति डॉ. अनुपमा भटनागर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस सम्मेलन में देश भर के 400 से अधिक सामुदायिक रेडियो (सीआर) स्टेशनों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए, ताकि संवाद और सहयोग का अवसर प्रदान किया जा सके। वर्तमान में, देश भर में 531 सीआर स्टेशन हैं। सम्मेलन में जन संचार और जागरूकता उत्‍पन्न करने में सामुदायिक रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका और सामाजिक विकास में उनकी क्षमता पर जोर दिया गया।

-PIB

Facebook Comments