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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 17 Apr 2025 7:28 PM |   811 views

अन्तर्राष्ट्रीय कवि महाकुम्भ 2025 साहित्य के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा

अन्तर्राष्ट्रीय कवि महाकुम्भ का महत्वपूर्ण आयोजन जो प्रस्तावित है,वह रायबरेली में 26,27,28 अप्रैल 2025 को होने वाला है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय काव्य कुंभ, सम्मान समारोह और पुस्तक विमोचन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। 
 
कार्यक्रम स्थल और समय के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है, और आयोजन का हिस्सा बनने के लिए गूगल फार्म भरना अनिवार्य है। इसके अलावा, यदि कोई कवि/कवयित्री कार्यक्रम में अपनी पुस्तक/पुस्तकों का विमोचन कराने के इच्छुक हैं या स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग के इच्छुक हैं, तो उन्हें सुधीर श्रीवास्तव के नंबर पर संपर्क करना होगा।यह आयोजन कवियों और कवयित्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा । 
 
कार्यक्रम स्थल का नाम “वरदान रिसोर्ट उत्सव लॉन एवं अंजलि टेंट हाउस” है, जो हरदासपुर, महाराजगंज रोड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम सीएनजी और इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के बीच स्थित है। यह रायबरेली के त्रिपुल्ला चौराहे से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है।
 
यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय काव्य कुंभ, सम्मान समारोह और पुस्तक विमोचन के रूप में ” वरदान रिसौर्ट्स और उत्सव लॉन निकट इंडियन आयल पेट्रोल पम्प हरदासपुर ” मे आयोजित किया जा रहा है। 
 
देश और विदेश के साहित्यकारों का संगम एक अद्वितीय अवसर है, जो साहित्यिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देता है। इस संगम में विभिन्न देशों के साहित्यकार अपने अनुभवों और विचारों को साझा करते हैं, जिससे एक दूसरे की संस्कृति और साहित्य के बारे में जानने का अवसर मिलता है। इस संगम के दौरान, साहित्यकार अपने कार्यों को प्रस्तुत करते हैं और एक दूसरे के साथ चर्चा करते हैं। यह आदान-प्रदान न केवल साहित्यिक ज्ञान को बढ़ावा देता है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ और सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
 
इस संगम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह नए और अनुभवी साहित्यकारों को एक मंच पर लाता है, जहां वे अपने विचारों और अनुभवों को साझा कर सकते हैं। इससे न केवल नए साहित्यकारों को अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलता है, बल्कि अनुभवी साहित्यकारों को भी अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करने का अवसर मिलता है।
 
इस संगम के दौरान, साहित्यकार विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं, जैसे कि साहित्य की भूमिका, संस्कृति और समाज के बीच संबंध, और साहित्य के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के तरीके। ये चर्चाएं न केवल साहित्यिक ज्ञान को बढ़ावा देती हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी प्रकाश डालती हैं।
 
अंत में, देश और विदेश के साहित्यकारों का संगम एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो साहित्यिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देता है। यह आयोजन न केवल साहित्यकारों को एक मंच पर लाता है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ और सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
 
संस्था के संस्था के संस्थापक डॉ० शिवनाथ सिंह  “शिव” रायबरेली और अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय  प्रकोष्ठ इकाई, मुख्य संरक्षक सुधीर श्रीवास्तव गोण्डा, केंद्रीय अध्यक्ष इंद्रेश भदौरिया, केंद्रीय संगठन मंत्री शिवकुमार सिंह ‘शिव’ दुसौती, केंद्रीय मुख्य सचिव आभा गुप्ता, आयोजक शिवकुमार ‘आकाश हलचल’ और अमलेश कुमार अमल,मीडिया प्रभारी  डॉ0 संजुला सिंह, डॉ० संजीदा खानम जोधपुर, डॉ० निधि बोथरा और डॉ० ओम ऋषि भारद्वाज ने कार्यक्रम सम्बन्धी उपरोक्त जानकारी प्रदान की।
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