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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 3 Apr 2025 6:39 PM |   660 views

उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से मिल रहा है बच्चों को आर्थिक सहयोग, संवर रहा है उनका भविष्य

कुशीनगर -जिला प्रोवेशन अधिकारी विनय कुमार ने समस्त जनपद वासियों को अवगत कराया है कि महिला एवं बाल विकास अनुभाग-1 के पत्र द्वारा उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अन्तर्गत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिन्होने कोविड-19 से भिन्न अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है अथवा 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर जिन्होंनें कोविड या अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है तथा वह कक्षा-12 तक शिक्षा पूर्ण करने के उपरान्त राजकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी संस्थान से स्नातक डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त करने हेतु शिक्षा प्राप्त कर रहें हों या नीट, जेईई, क्लैट जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले अथवा जिनकी माता तलाकशुदा स्त्री या परित्यक्ता है अथवा जिनके माता-पिता या परिवार का मुख्यकर्ता जेल में है अथवा ऐसे बच्चे जिन्हे बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति / बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार / पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो अथवा भिक्षावृत्ति / वैश्यावृत्ति में सम्मिलित में परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाना उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का मुख्य उद्देश्य है।
 
उक्त योजना अन्तर्गत 517 बालक/बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
 
पात्रता मानक के संबंध में उन्होंने बताया है कि 
ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों, माता या पिता में से किसी एक की अथवा वैध अभिभावक की मृत्यु 01 मार्च, 2020 के पश्चात् हुई है।
 
ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु पूर्व में हो गयी हो एवं अभिभावक की मृत्यु हो गयी हो।
 
ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गयी हों।
 
ऐसे बच्चें, जिनके माता या पिता एक की मृत्यु हो गयी हो या तलाकशुदा स्त्री या कुटुम्ब द्वारा परित्यक्ता है।
 
ऐसे बच्चे, जिन्हें बाल श्रम/बाल भिक्षावृत्ति / बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार / पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो या भिक्षावृत्ति / वैश्यावृत्ति में शामिल परिवारों के बच्चे।
 
ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता या परिवार का मुख्यकर्ता जेल में है।
 
पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार के अधिकतम दो बच्चों को प्रतिमाह प्रति बालक/बालिका रू0 2500/- की सहायता धनराशि प्रदान की जायेगी।
 
समस्त श्रेणियों के बच्चों के परिवार की वार्षिक आय रू० 3,00000/- (तीन लाख रू०) से कम होनी चाहिए, परन्तु जिन बच्चों या युवाओं के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गयी हो उन पर आय सीमा की शर्त लागू नहीं होगी।
 
आवेदन पत्र के संबंध में उन्होंने बताया कि आवेदन  समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी कार्यालय, कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई, निकट एस०पी० आवास, राय भवन, जिला मुख्यालय रविन्द्रनगर धूस जनपद कुशीनगर से प्राप्त किया जा सकता है।
 
आवेदन आफलाइन है। निर्धारित प्रारूप पर भरे, आवेदन पत्र स्वप्रमाणित क समस्त संलग्नकों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय व शहरी क्षेत्र मे सम्बन्धित उप जिलाधिकारी कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
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