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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 26 Jan 2025 1:53 PM |   914 views

मेरा वतन

सुनो वतन के कुछ गद्दारों
दुर्दिन तेरा आएगा
जब भी अपने छोड़ वतन तू
दुश्मन से मिल जाएगा ।
 
अपने वतन से कर गद्दारी
चैन कहां तू पाएगा
जो रिपु वतन से हाथ मिलाया
गर्दिश में मिल जाएगा ।
 
कोई साथ ना देगा तेरा
जब तू अश्रु बहाएगा
हंसेंगे रिपु भी तेरे ऊपर
जब खून के आंसू रोएगा ।
 
देशद्रोह का काम किया गर
घर में ही लज्जित होगा
बच्चे भी थूकेंगे तुझ पे
शर्म से तू मर जाएगा ।
 
संदेशा फिर क्या तू देगा
अपनी अगली पीढ़ी को
जो आस लिए आएंगे धरा पे
पर होंगे विवश मर जाने को ।
 
तेरी करतूत ना जीने देगी
तेरी अगली पीढ़ी को 
कह गद्दार बुलाएंगे सब
तेरे बच्चे और बीबी को ।
 
करेंगे नफरत तुझी से बच्चे
कैसे तू जी पाएगा 
अपने घर – परिवार के आगे
तू क्या मुंह दिखाएगा ।
 
तू ना इसको झेल सकेगा
 होगा द्रवित हृदय तेरा
 बिना मौत ही मौत मरेगा
 जो ना सुधर तू पाएगा ।
 
अभी संभल जा वक्त के रहते
 वरणा तू पछताएगा
 बाद तेरे कुछ हाथ ना आए
 मिट्टी में मिल जाएगा ।
 
 संजुला सिंह “संजू “
 जमशेदपुर
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