Saturday 19th of September 2026 08:53:04 PM

Breaking News
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लोंद्रिंग मामले में 21 सितम्बर को पीएमएलए कोर्ट में पेशी |
  • भारत और अमेरिकी सेनाओ का साझा युद्धाभ्यास जारी , ड्रोन और एआई पर फोकस |
  • ODOP से काशी की मशहूर लौंगलता मिठाई को मिल रही नई पहचान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 15 Jan 2025 6:13 PM |   766 views

26 जनवरी 2025 से जनपद में लागू होगा “नो हेलमेट, नो फ्यूल” का नियम

अमेठी- जनपद में सड़क सुरक्षा के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 से “नो हेलमेट, नो फ्यूल” का नियम लागू होगा। इस नियम के अंतर्गत दो पहिया वाहन चालकों तथा सहयात्रियों को हेलमेट न लगाए जाने पर जनपद के किसी भी पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, इसके लिए सभी दो पहिया वाहनों के चालकों एवं सहयात्रियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा तभी उन्हें पेट्रोल पंप पर पेट्रोल दिया जाएगा।

इसके लिए जिलाधिकारी निशा अनंत द्वारा सभी पेट्रोल पंप संचालकों एवं स्वामियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह दिनांक 26 जनवरी 2025 से किसी भी दो पहिया वाहन चालक को बिना हेलमेट लगाए पेट्रोल नहीं देंगे तथा इस आशय का अपने प्रांगण में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाएंगे कि “नो हेलमेट नो फ्यूल”, सभी पेट्रोल पंप संचालक एवं स्वामी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरा सदैव सक्रिय रहें ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन कर आवश्यक निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं घायलों की संख्या में वृद्धि के प्रति भारत सरकार द्वारा गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा में सुधार हेतु समस्त जिलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मृत्यु और गंभीर चोटों को रोकने के लिए एक ठोस, दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सड़क दुर्घटनाओं में 50% की कमी लाए जाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे प्राप्त करने के लिए नवाचार और व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित उपायों को अपनाना अनिवार्य है इस दिशा में “नो हेलमेट नो फ्यूल” की रणनीति एक निर्णायक कदम हो सकती है यह रणनीति न केवल हेलमेट पहनने को अनिवार्य बनाने में सहायक होगी बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी।

उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 129 एवं उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 का नियम 201 के अनुसार सभी मोटरसाइकिल चालकों एवं सवारियों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रोटेक्टिव हेड गियर (हेलमेट) पहनना अनिवार्य किया गया है इन प्रावधानों का उल्लंघन केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 177 के तहत दंडनीय है जिसमें जुर्माने का भी प्राविधान है।

नो हेलमेट नो फ्यूल का नियम जनपद में प्रभावी ढंग से लागू हो इसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सभी पेट्रोल पंप संचालकों से समन्वय स्थापित कर उक्त नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं तथा किसी भी पेट्रोल पंप संचालक द्वारा यदि नियम का उल्लंघन किया जाए तो उसके विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही करें।

Facebook Comments