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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 29 Nov 2024 6:04 PM |   620 views

किसानों की सुविधा के लिए डीएम ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

देवरिया- जनपद में धान क्रय प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी किसान को धान क्रय केंद्र पर अनावश्यक दौड़ाया गया या कोई अनियमितता पाई गई, तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
 
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान जानकारी दी कि जनपद में अब तक 6817 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में खरीदे गए 2978 मीट्रिक टन की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है। इस वर्ष 114 धान क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों की उपज खरीदी जा रही है। डीएम ने इस प्रगति को बनाए रखने के लिए धान क्रय प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
 
जिलाधिकारी ने कहा कि धान क्रय में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि खतौनी सत्यापन का कार्य अधिकतम तीन दिनों के भीतर पूरा करें। सत्यापन में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित एसडीएम की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें और क्रय केंद्रों की नियमित निगरानी करें। प्रत्येक किसान का धान खरीदा जाएगा और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर दिया जाएगा। यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 
डीएम ने कहा कि धान विक्रय के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। किसान www.fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र एप के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
 
पंजीकरण के बाद किसान अपनी भुगतान स्थिति और जमीन के रकबे का सत्यापन भी देख सकते हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक किसानों को पंजीकृत कराएं।
 
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय, डीएफएमओ सुलभ आनंद, और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
 
हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत-
इसके साथ ही किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने जनपदीय हेल्पलाइन नंबर 9415387261 जारी किया है। किसान इस नंबर पर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क कर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने भी टोल-फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है, जिस पर किसान अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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