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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 2 Aug 2024 4:56 PM |   789 views

प्रफुल्ल चंद्र राय भारतीय रसायन के जनक ही नही भारतीय प्राचीन विज्ञान के मुकुट थे – प्रभात

गोरखपुर – सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग गोरखपुर में भारत के महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती मनाई गई|
 
जिसमें मुख्य अतिथि एवं वक्ता गोरखपुर के युवा गणित, विज्ञान विशेषज्ञ और शिक्षक प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि पराधीनता के दौरान प्रफुल्ल चंद्र राय जी ने संघर्षों से जूझते हुए भारत के प्राचीन विज्ञान के ज्ञात अज्ञात ज्ञान को लिपि बद्ध कर पूरी दुनिया को चौंका दिया। उनके राष्ट्र प्रेम और रसायन शास्त्र के प्रति समर्पण ने उन्हे एक उद्यमी के रूप में भी देश सेवा की तरफ मोड़ दिया।
 
उन्होंने एक शिक्षक के रूप में मेघनाथ साहा और सतेंद्रनाथ बोस जैसे महान शिष्य भी देश को समर्पित किया। वो एक महान वैज्ञानिक, शिक्षक और देशप्रेमी एक रूप में चिरकाल तक हमें प्रेरित करते रहेंगे। उनकी पुस्तक हिंदू रसायन का इतिहास और उनके द्वारा अंग्रेज़ी शासन काल में विश्व विद्यालय में प्रथम प्रवक्ता के रूप में कार्य करने का अवसर हमारे भीतर उनके प्रति सम्मान और अभिमान का भाव भर देता है।
 
महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र राय हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में विज्ञान के क्षेत्र में मां भारती का सिर ऊंचा किया। इस अवसर पर विद्यालय की बहन अनुष्का और आकांक्षा ने भी अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। 
 
अतिथि परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह एवं आभार ज्ञापन प्रथम सहायिका रुक्मिणी उपाध्याय ने किया  |संचालन आचार्य निर्मल यादव ने किया।
 
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य व आचार्या बहन व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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