Sunday 6th of September 2026 05:21:17 AM

Breaking News
  • सर्वोच्च न्यायालय ने नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों की FIR रद्द करने का आदेश दिया |
  • गोरखपुर में 2027 में बड़ी जीत के लिए बीजेपी ने शुरू की तैयारी|
  • चंदौली में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 1 Aug 2024 5:31 PM |   629 views

‘नशा मुक्त भारत’ साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया

कुशीनगर-राष्ट्रीय सेवा योजना, बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के 30 स्वयसेवको ने ‘नशा मुक्त भारत’ साप्ताहिक जागरूकता अभियान के तहत वासुदेव तिवारी सेवा संस्थान द्वारा संचालित पुनर्जन्म नशा मुक्ति केंद्र सोनबरसा गोरखपुर का भ्रमण किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना और वासुदेव तिवारी सेवा संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना, गोरखपुर विश्वविद्यालय के समन्वयक और मुख्य अतिथि डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि आप सभी परिवार के भविष्य है।आगे आपका अपना परिवार होगा।आप ऐसा कोई कार्य न करें कि पहले आप बर्बाद हो और पीछे आपका पूरा परिवार बर्बाद हो जाए। उन्होंने बताया कि युवा नशे के संपर्क पहली बार अपने साथियों के माध्यम से आता है।

ऐसे में युवा अगर दृढ़ संकल्प शक्ति का परिचय देते उसी समय साथी को मना कर दे तो, नशे की विभीषिका से बचा जा सकता है। आपने बताया कि नशे के कारण कई घर बर्बाद होते हुए मैंने देखें है।

उन्होंने युवाओं से आवाह्न करते हुए बताया कि अपना चरित्र ऐसा बनाइए कि नशा हेतु आपको ऑफर करने की किसी की हिम्मत ही न पड़े। मुख्य वक्ता डॉ रीना मालवीय ने बताया कि नशा नाश की जड़ है।इससे व्यक्ति खुद तो बर्दबाद होता ही है साथ ही उसका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। इससे कई परिवारों में पूरी की पूरी पीढ़ी   बर्बाद हो जाती है। समाज में नशाखोरी बढ़ने पर चोरी,हत्या, दूराचार और कानून व्यवस्था संबंधी जैसी घटनाएं बढ़ती है। आपने बताया कि वर्ष 2020 से 72 जिलों में नशा मुक्ति हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान से एन एस एस जैसे संगठनों को जोड़ा गया है ताकि समाज में जागरूकता और बचाव अभियान को प्रभावी रूप से चलाया जा सके। नशा मुक्ति केन्द्र के चिकित्सक डॉ यू एस तिवारी ने बताया कि इस केंद्र पर नशा के रोगियों को निःशुल्क इलाज किया जाता है। इनके रहने-खाने, चिकित्सा,मनोरंजन,शिक्षा आदि पर होने वाले सभी खर्च निःशुल्क है।नए रोगी को एक माह तक केन्द्र पर रखा जाता है।

संगोष्ठी में आए हुए अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत और विषय स्थापना डॉ निगम मौर्य ने किया। आपने बताया कि युवाओं को डी सी से बचना है। यहां डी से तात्पर्य दोस्त से है जबकि सी से आशय चाचा से है। 90 प्रतिशत से अधिक युवा  किशोरावस्था में अपने मित्रों के कारण ही नशे के संपर्क में आते हैं।

कार्यक्रम का संचालन अजय मालवीय ने किया। आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ पारस नाथ ने किया।

इस अवसर पर रोगियों ने भी अनुभव साझा किया।आज लक्ष्मण भारती, राकेश यादव, संगीता,गार्गी समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।

Facebook Comments