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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Jun 2024 5:25 PM |   405 views

बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक बने आकाश आनंद

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में राष्‍ट्रीय स्‍तर की एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में केंद्रीय पदाधिकारियों के अलावा राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्‍ठ पदाधिकारी शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद पहली बार आयोजित हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस बैठक में सबसे अहम फैसला जो लिया गया वो ये था कि मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया।

इतना ही नहीं आकाश को दोबारा से बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक भी बनाया गया है। एक दिन पहले शनिवार को आकाश को उत्तराखंड और पंजाब उपचुनाव के लिए पार्टी का स्टार प्रचारक बनाने की घोषणा की गयी थी।

विवादित बयान की वजह से छिन गया था आकाश का पद

आकाश आनंद ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सीतापुर में एक चुनावी रैली में  भाजपा को आतंकवादी पार्टी बता दिया था, जिसके बाद मायावती ने बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था। मायावती ने उस समय दिए अपने बयान में कहा था कि आकाश को अभी और परिपक्व होने की जरूरत है। बता दें, तमाम कोशिशों और जबरदस्त प्रचार के बावजूद पार्टी लोकसभा चुनाव में अपना खाता नहीं खोल पायी थी। पार्टी को चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।

बसपा प्रमुख ने सात मई की रात एक्‍स पर पोस्ट किये गये अपने एक संदेश में कहा था, बसपा एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्म-सम्मान, स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी आंदोलन है, जिसके लिए कांशीराम जी व खुद मैंने भी अपनी पूरी जिंदगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है।’ अपने सिलसिलेवार पोस्‍ट में मायावती ने कहा, ‘इसी क्रम में पार्टी में अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही आकाश आनन्द को राष्ट्रीय समन्वयक व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया लेकिन पार्टी व आंदोलन के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।’

समीक्षा बैठक के बाद मायावती ने कहा कि बसपा आने वाले चुनावों में मजबूती के साथ लड़ती हुई दिखेगी। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। मायावती ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी किसी भी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करने नहीं जा रही है।

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