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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 13 Apr 2024 5:53 PM |   471 views

कनाडा ने भारत में मौजूद अपने राजनयिक मिशन में तैनात भारतीय कर्मचारियों की संख्या कम कर दी

कनाडा ने भारत में मौजूद अपने राजनयिक मिशन में तैनात भारतीय कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है. उसने कई भारतीय स्टाफ को हटा दिया है| इस बात की जानकारी कनाडा उच्चायोग के प्रवक्ता ने बीते शुक्रवार दी. उन्होंने कहा कि ‘मैं पुष्टि करता हूं कि कनाडा सरकार ने भारत में अपने राजनयिक मिशन में कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है. इसके साथ ही उन्होंने इस निर्णय को जरूरी भी बताया| प्रवक्ता ने आगे कहा कि उच्चायोग भारत में अपने स्थानीय कर्मचारियों के समर्पण और सेवा के लिए आभार व्यक्त करता है|

दरअसल भारत सरकार ने पिछले साल कनाडा के 41 राजनयिकों को वापस भेजने का आदेश दिया था. जिसके बाद कनाडा ने ये फैसला किया है| कनाडा का कहना है कि जब उनके राजनयिकों की संख्या भारत में कम है तो ऐसे में उनके लिए तैनात कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती करनी पड़ेगी. जिसके बाद कनाडा सरकार ने मुंबई, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में मौजूद कनाडा के कॉन्सुलेट से सभी कर्मचारियों को भी हटा दिया है|

उच्चायोग के एक अधिकारी का कहना है कि यह निर्णय अक्टूबर 2023 में कनाडाई राजनयिकों की वापसी के बाद लिया गया था| विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देशों के राजनयिकों की संख्या बराबर करने के लिए यह फैसला लिया गया. भारत ने कहा था कि कनाडा के एक्स्ट्रा डिप्लोमैट्स देश के आंतरिक मामलों में दखल देते हैं| हालांकि फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि कनाडा ने कितने भारतीय कर्मचारियों को निकाला है| लेकिन बताया जा रहा है कि करीब 100 कर्मचारी निकाले गए हैं|

भारतीय कर्मचारियों को हटाए जाने पर कनाडा उच्चायोग के अधिकारी ने कहा कि राजनयिकों की संख्या कम होने के चलते ये फैसला लिया गया| उन्होंने ये भी कहा कि इसका फैसला करना काफी मुश्किल था. इसके साथ ही कनाडाई हाई कमिशन ने साफ किया कि कनाडा भारत में कनाडाई लोगों को मुख्य सेवाएं देना जारी रखेगा| इसके साथ ही कनाडा में पढ़ने, काम करने या रहने के लिए आने वाले भारतीय नागरिकों का भी स्वागत करेंगे|

अधिकारी ने यह भी साफ किया कि भारत में कनाडा के वीजा आवेदन केंद्र पहले की ही तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे| इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कनाडा भारत में अपने स्थानीय कर्मचारियों के समर्पण और सेवा के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है जिन्होंने इतने सालों तक पूरे समर्पण भाव से सेवाएं दी हैं|

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में कनाडा के वैंकूवर में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हो गई थी. हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाने के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे| वहीं भारत ने भी कनाडा के राजनयिकों पर आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था| आपको बता दें कि निज्जर को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी|

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