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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 2 Jan 2024 5:31 PM |   890 views

केले की खेती को उद्योग के रूप में विकसित करना हमारा मुख्य उद्देश्य-डीएम

कुशीनगर -जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केला कृषकों के साथ वृहत उत्पादन और उद्योग के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया।
 
कार्यशाला के अंतर्गत जिला उद्यान अधिकारी द्वारा जनपद में केले की खेती के क्षेत्रफल, आय-व्यय एवं केले के कृषको की समस्याओं पर विवरण दिया गया। बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा० डी०वी० सिंह द्वारा जनपद में केले के पौधो में होने वाले पनामा विल्ट रोग पर कृषकों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, साथ ही लागत को कम करने हेतु ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग के प्रयोग एवं जैविक खेती के महत्व को बताया गया।
 
बैठक में उपस्थित पूर्व वैज्ञानिक एवं प्रगतिशील कृषक डा0 प्रमोद कुमार दीक्षित द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर उनके द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही केले के निर्यात संबंधी जानकारी भी कृषकों को दी गई।
 
नवबोधि एग्री सॉल्युशन से तुहीन श्रीवास्तव द्वारा बैठक में ऑनलाइन प्रतिभाग करते हुए “केले के उप-उत्पादों यथा अचार, आटा, कपडे, टाइल्स, सैनिटरी पैड्स, गहने, चिप्स  आदि के बारे में जानकारी दी गई एवं प्रदर्शन किया गया।
 
संस्था द्वारा निर्मित उत्पादों को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा उनकी प्रशंसा करते हुए कहा की कुशीनगर जनपद में केले से बने उप उत्पादों को बढ़ावा देना है। वैश्विक पटल पर केले के उत्पादों को मार्केटिंग बिजनेस प्लान के तहत पूरा प्लान डेवलप करें।
 
बिजनेस प्लान की सख्त आवश्यकता है। इसके लिए कृषकों का समूह बनाना होगा , एक समूह बीज बोने और पौध का रोपण का कार्य करेगी, दूसरा समूह प्राकृतिक खाद, आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी तथा तीसरा समूह उसके पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग का कार्य करेगी।
 
विस्तृत प्लान तैयार कर प्राकृतिक खाद का उपयोग करते हुए हम गुणवत्तपूर्ण प्रत्येक केले के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाते हुए उद्योग के रूप में विकास कर सकते है। इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने हेतु जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा की केले की खेती व कृषि को उद्योग के रूप में विकसित कर किसानों को प्रगतिशील बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है।
 
जिला उद्योग अधिकारी द्वारा केले के कृषकों को उद्योग विभाग द्वारा दी जा रही लोन सम्बन्धित ओ०डी०ओ०पी० योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक संख्या में आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
 
बैठक में उपस्थित कृषक उत्पादक समूह से आये रामअधार कुशवाहा, विनोद कुशवाहा एवं रमेश कुशवाहा द्वारा जनपद में उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं इससे प्राप्त आर्थिक लाभ के बारे में बताया गया। बैठक के अन्त में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में समितियों के माध्यम से केला उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की प्रक्रिया को गति देने हेतु कमेटी के गठन हेतु निर्देशित किया गया, साथ ही प्रगतिशील कृषकों को समय-समय परं समानित करने एवं अगली बैठक किसी प्रगतिशील कृषक के प्रक्षेत्र पर आयोजित करने को कहा गया।
 
बैठक का समापन करते हुए जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार द्वारा बैठक में उपस्थित सभी अधिकारी एवं कृषकों को धन्यवाद दिया गया। 
 
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकिता जैन, उप निदेशक कृषि आशीष कुमार, कृषि विज्ञान के हेड डा० डी०वी० सिंह, वैज्ञानिक अशोक राय, जिला कृषि अधिकारी, महाप्रबन्धक उद्योग, मण्डी सचिव, जनपद के प्रगतिशील कृषको एवं एफ०पी०ओ० के सदस्य आदि  उपस्थित रहे।
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