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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 21 Oct 2023 2:01 PM |   575 views

अंतरिक्ष की उड़ान भरेगा देश का पहला मानव मिशन ‘गगनयान’

बेंगलुरु। अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक से एक कीर्तिमान रचने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन एक और करिश्मा करने जा रहा है। इसरो गगनयान मिशन के जरिए अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने वाला है। इसके लिए इसरो गगनयान मिशन की टेस्टिंग करने जा रहा है। गगनयान के जरिए 3 सदस्यीय दल को एक मिशन पर 400 किमी की कक्षा में भेजा जाएगा। यह मिशन तीन दिनों तक चलेगा और फिर क्रू मेंबर को सुरक्षित रूप से वापस लाया जाएगा। इस मिशन की लैंडिंग समुद्र के पानी में की जाएगी।

गगनयान मिशन से पहले टेस्ट किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है, जिसकी 12.5 घंटे की उलटी गिनती शुक्रवार शाम 7.30 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित शार क्षेत्र में शुरू हो गई। छोटी अवधि के मिशन का प्रक्षेपण आज सुबह आठ बजे प्रथम लॉन्च पैड से होगा और पूरा मिशन 531 सेकंड (लगभग नौ मिनट) तक चलेगा। यह उड़ान परीक्षण समग्रगगनयान कार्यक्रम में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित होगा ।

क्रू मॉड्यूल को कई परीक्षण से गुजरना पड़ा

चेन्नई से लगभग 135 किमी पूर्व में स्थित श्रीहरिकोटा में प्रक्षेपण परिसर में एकीकृत किए जाने से पहले क्रू मॉड्यूल को विभिन्न परीक्षण से गुजरना पड़ा। शनिवार को संपूर्ण परीक्षण उड़ान की उम्मीद है, क्योंकि टेस्ट टीवी-डी 1 क्रू एस्केप सिस्टम क्रू मॉड्यूल 17 किमी की ऊंचाई पर प्रक्षेपित करेगा, जिसके श्रीहरिकोटा के पूर्वी तट से लगभग 10 किमी दूर समुद्र में सुरक्षित उतरने की उम्मीद है। इसे बाद में बंगाल की खाड़ी से नौसेना निकालेगी।

कैसे की जाएगी टेस्टिंग-

इसरो ने कहा पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरने से लेकर श्रीहरिकोटा से लगभग 10 किमी दूर समुद्र में पैराशूट की तैनाती के साथ क्रू मॉड्यूल के उतरने तक का पूरा उड़ान क्रम 531 सेकंड तक चलेगा। इसरो के मुताबिक, उड़ान भरने के लगभग 60 सेकंड बाद परीक्षण वाहन क्रू एस्केप सिस्टम के साथ 11.7 किमी की ऊंचाई पर वाहन से अलग हो जाएगा और अगले 30 सेकंड बाद सीएम सीईएस 148.7 मीटर / सेकंड के वेग से 16.7 किमी की ऊंचाई पर अलग हो जाएगा। यह प्रक्रिया लगभग 9 मिनट में पूरी होगी।

होगा लाइव प्रसारण-
इस टेस्टिंग का टेलीकास्ट आधिकारिक वेबसाइट (isro.gov.in), यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन  भी इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करेगा। इसरो के मुताबिक, लाइव प्रसारण सुबह 7:30 बजे शुरू होगा।

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