Saturday 7th of November 2026 05:32:22 PM

Breaking News
  •  4 नवम्बर को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन गोरखपुर आयेंगे |
  • कर्नाटक में दिवाली पर रात 8 बजे से 10 तक ही ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश |
  • 200 करोड़ की वसूली केस में नोरा फतेही को दिल्ली कोर्ट का समन,6 नवम्बर को पेशी |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 2 Jul 2023 5:37 PM |   744 views

धान की रोपाई के समय विशेष रखे ध्यानः प्रो रवि प्रकाश

खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाईयों को धान की फसल से बहुत उमीद रहती है। इस लिए धान की रोपाई करने में काफी सावधानी रखनी चाहिए ।
 
प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी भाटपार रानी देवरिया के निदेशक, प्रोफेसर  रवि प्रकाश मौर्य (सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष) ने धान की खेती करने वाले किसान भाइयों को कुछ टिप्स बताया है ।
 
जिनमें कि स्वस्थ्य एवं रोग /कीट मुक्त धान की नर्सरी ही अधिक व गुणवत्ता पूर्ण धान के उत्पादन का आधार होता है । खेतों की मेड़ों को रोपाई से पहले साफ सुथरा कर लेना चाहिए जिससे कीट नहीं पनपते है। धान की रोपाई जुलाई माह के मध्य तक अवश्य कर लेना चाहिए। उसके बाद उपज में कमी निरंतर होने लगती है। यह कमी 30 से 40 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर में प्रति दिन होती है।
 
पौधों की रोपाई 3 से 4 सेंटीमीटर से अधिक गहराई पर नहीं करनी चाहिए अन्यथा कल्ले कम निकलते हैं तथा उपज मे कमी होती है। 21 से 25 दिन की नर्सरी रोपाई के लिए उपयुक्त होती है।
 
साधारण उर्वरा भूमि मे पंक्तियों एवं पौधों की दूरी 20 × 10 सेंटीमीटर उर्वरा भूमि मे 20× 15 सेमी. रखें।एक स्थान पर 2 से 3 पौधे लगाए। वर्षा देर से हो रही है,  रोपाई में देरी होने के कारण एक स्थान पर 3 से 4 पौध लगाना उचित होगा।
 
ध्यान रहे कि समय से रोपाई पर प्रति वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 50 हिल अवश्य होना चाहिए। ऊसर तथा देर से रोपाई की स्थिति में 65 से 70 हिल प्रति वर्गमीटर क्षेत्रफल में होना चाहिए।
 
रोपाई के बाद जो पौधे मर जाए, उनके स्थान पर दूसरे पौधो को तुरन्त लगा दे ।अच्छी उपज के लिए प्रति वर्ग मीटर क्षेत्रफल में  250 से 350 बालियों की संख्या होनी चाहिए ।नर्सरी बड़ी हो जाने पर तथा देर से रोपाई की स्थिति में पौधों की चोटी चार अंगुल ऊपर से काट कर रोपाई करनी चाहिए। जिससे नर्सरी में दिए हुए कीटों के अण्डे नष्ट हो जायेंगे।
Facebook Comments