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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 21 Dec 2021 5:49 PM |   700 views

विपक्षी नेताओं ने अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए मार्च निकाला

नयी दिल्ली-कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी मामले को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करते हुए मंगलवार को यहां मार्च निकाला।

विपक्षी दलों के नेताओं एवं सांसदों ने यहां संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने से मार्च शुरू किया और विजय चौक तक गए। इस मार्च में राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, द्रमुक के तिरुचि शिवा, शिवसेना के संजय राउत और कई अन्य नेता शामिल थे।

मार्च के बाद राहुल गांधी ने विजय चौक पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक बार फिर विपक्षी दल अजय मिश्रा का मामला उठा रहे हैं। हमने बार बार कहा है कि एक मंत्री के बेटे ने किसानों को मारा है, जीप से कुचला है। रिपोर्ट आई है कि यह एक साजिश थी। प्रधानमंत्री अपने इस मंत्री के बारे में कुछ नहीं कहते हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘ एक तरफ प्रधानमंत्री किसानों से माफी मांगते हैं। दूसरी तरफ अपने मंत्रिपरिषद से किसानों के हत्यारे को नहीं हटाते हैं।’’

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, ‘‘किसानों और आम जनता के खिलाफ जो किया जा रहा है, उसको हम स्वीकार नहीं करेंगे।’’

द्रमुक के तिरुचि शिवा ने कहा कि अजय मिश्रा को बर्खास्त किए जाने तक विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।

शिवसेना के संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘संसद का यह सत्र भले ही खत्म हो जाए, लेकिन लखीमपुर खीरी की लड़ाई चलती रहेगी। पूरे विश्व ने देखा कि मंत्री के पुत्र ने किसानों को गाड़ी से कुचल दिया, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने नहीं देखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।’’

विपक्षी दल पिछले कई दिनों से यह मांग कर रहे हैं कि अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए और लखीमपुर खीरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से अदालत में दिए गए आवेदन पर सदन में चर्चा कराई जाए।

मार्च निकालने वाले कई विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि 12 सांसदों का निलंबन रद्द किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि इन सांसदों का निलंबन असंवैधानिक है।

गत 29 नवंबर को निलंबन के बाद से ये सांसद यहां संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक निलंबन रद्द नहीं होगा, तब तक वे संसद की कार्यवाही के दौरान सुबह से शाम तक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठेंगे।

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन (29 नवंबर) राज्यसभा में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले सत्र के दौरान कथित तौर पर किए गए ‘अशोभनीय आचरण’ इस सत्र की शेष अवधि के लिए उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया था।

जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।

(भाषा)

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