संस्कृति से जुड़ेगा सरहद का रिश्ता, 13 दिनों तक दिखेगा भारत-नेपाल दोस्ती का रंग
लखनऊ:भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 का आयोजन 16 से 28 फरवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में किया जाएगा। इस खास महोत्सव की शुरुआत 16-17 फरवरी को कुशीनगर से
लखनऊ:भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 का आयोजन 16 से 28 फरवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में किया जाएगा। इस खास महोत्सव की शुरुआत 16-17 फरवरी को कुशीनगर से
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ने के साथ अब आम लोगों के घर भी आय का जरिया बन रहे हैं। प्रदेश की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एण्ड बी) और
लखनऊ:मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कोर्स कोऑर्डिनेटर पदों की चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार बिसेन को निलंबित कर दिया
लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के क्रम में जनपद कुशीनगर के कसया स्थित राजकीय आलू फार्म पर ‘केला टिशू कल्चर लैब’ की स्थापना की जा
लखनऊ: रामनगरी अयोध्या की तर्ज पर प्रभु श्रीराम के परम भक्त निषादराज की राजधानी श्रृंगवेरपुर को भव्य और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। प्रयागराज जिले के इस ऐतिहासिक व पौराणिक
गोरखपुर-रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार कार्य योजना के तहत रू. 497.07 करोड़ की लागत से पूर्वोत्तर रेलवे के औंड़िहार-वाराणसी सिटी (31.36 किमी.) तीसरी लाइन निर्माण को स्वीकृति प्रदान
लखनऊ: दुधवा के सफारी सीजन-2026 पर खास फोकस करते हुए पर्यटन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप पर्यटन विभाग ने
लखनऊ: उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त सहयोग से सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों तक 30 दिन के भीतर जलापूर्ति का काम पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य कर
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य कर