भारतीय सिनेमा में कविता और संगीत की परंपरा ने दर्शकों की संवेदना को विशिष्ट आकार दिया- परिचय दास
खजुराहो-नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव “परिचय दास” ने खजुराहो महोत्सव में आयोजित विशेष व्याख्यान में कहा कि फिल्म और अन्य माध्यमों में शब्द
