आज का मौसम
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-22-01-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 25.5 (+4.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 7.0 (-0.3) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 84
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-22-01-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 25.5 (+4.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 7.0 (-0.3) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 84
देवरिया- सहायक आयुक्त, जनपद देवरिया ने बताया कि जनपद देवरिया में खाद्य पदार्थ अदरक को केमिकल द्वारा धोए जाने की शिकायत की जांच के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-21-01-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 25.0 (+4.3) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 8.0 (+1.2) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 85
नई दिल्ली- प्रख्यात भोजपुरी चित्रकार वंदना श्रीवास्तव को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की वरिष्ठ अध्येता वृत्ति ( सीनियर फेलोशिप ) प्रदान की गई है। यह सम्मान उन्हें कला और संस्कृति
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भारत भर में लाखों बालिकाओं के लिए आशा और सशक्तिकरण की किरण है। यह योजना बालिकाओं के सपनों और आकांक्षाओं को पोषित करने के लिए सरकार की अटूट
प्रयागराज महाकुम्भ में सरकार द्वारा एआई तकनीक के माध्यम से स्थापित डिजिटल महाकुम्भ खोया-पाया केंद्र ने एक बार फिर अपनी दक्षता और मानवता के प्रति समर्पण को साबित किया है।
गोरखपुर-राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर एवं सिने रंग फाउंडेशन के तत्वाधान में सिनेमा महोत्सव गोरखपुर 2025 का आयोजन कल पूर्वान्ह 11 बजे से किया जायेगा | सिनेमा महोत्सव में कुल 28 फिल्में
देवरिया -निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग -2 सप्रू मार्ग लखनऊ उत्तर प्रदेश द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष 7,8,9,फरवरी 2025 को राजभवन प्रागण में शाकभाजी , पुष्प प्रदर्शनी का
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-20-01-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 26.0 (+4.9) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 10.0 (+2.6) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 86
भारत में कॉफी पेय की यात्रा सदियों पहले शुरू हुई थी, जब महान संत बाबा बुदन 1600 ईस्वी में कर्नाटक की पहाड़ियों पर सात मोचा बीज लेकर आए थे। बाबा बुदन गिरि में
भारत में कॉफी पेय की यात्रा सदियों पहले शुरू हुई थी, जब महान संत बाबा बुदन 1600 ईस्वी में कर्नाटक की पहाड़ियों पर सात मोचा बीज लेकर आए थे। बाबा बुदन गिरि में