मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 720 किलो बेसन सीज
देवरिया- आगामी होली पर्व के दृष्टिगत मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आयुक्त के आदेश
देवरिया- आगामी होली पर्व के दृष्टिगत मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आयुक्त के आदेश
26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर के सेवा के 60 वर्ष पूरे हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस बल का एक सबसे महत्वपूर्ण विंग पीएसी के पूरे राज्य में 33 बटालियन हैं जिनमें 26वीं
कुशीनगर-स्वयंसेवकों के परिश्रम और त्याग का समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होता है।हमारा युवा राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से सेवा कार्य करते हुए आदर्श समाज के निर्माण का कार्य
गोरखपुर| होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और लोकसंस्कृति का उत्सव भी है। सदियों से गाए जाने वाले पारंपरिक होली गीत, समाज को जोड़ने और लोकजीवन
सलेमपुर -आज राजकीय महिला महाविद्यालय, सलेमपुर, देवरिया में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में दहेज मुक्ति भारत के लिए प्रतिज्ञा” तथा “पढ़े महाविद्यालय बढ़े महाविद्यालय” का आयोजन किया गया |
कुशीनगर -जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कृषि निदेशालय उ०प्र० लखनऊ द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में अवगत कराया है कि “ग्रो सेफ फूड” अभियान के अन्तर्गत जनपद के सभी
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-06-03-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 27.0 (-1.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 11.5 (-1.0) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 89
लखनऊ/ भुज-भुज (गुजरात) स्थित सोनिस आर्ट गैलरी में ‘नवनाथ एवं नाथ परम्परा’ विषय पर नव दिवसीय राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर का उद्घाटन आज कच्छ मोरबी के सांसद विनोद एल. चावड़ा ने
गोण्डा-बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने मेडिकल कॉलेज गोण्डा में ‘शक्ति रसोई’ का उद्घाटन किया। इस शक्ति रसोई का संचालन ‘रंजना स्वयं सहायता समूह’ की महिलाएं करेंगी। यह रसोई अस्पताल
देवरिया-जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जनपद में आम के गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए सम-सामयिक कीट एवं रोग प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि बौर निकलने से लेकर फल लगने तक
देवरिया-जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जनपद में आम के गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए सम-सामयिक कीट एवं रोग प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि बौर निकलने से लेकर फल लगने तक