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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 25 Apr 2021 6:28 PM |   996 views

सांस लेने में तकलीफ को कम करने के लिए कारगर होगी ‘‘प्रोनिंग’

देवरिया ( ब्यूरो ) – देखने-सुनने में यह बात मामूली लग सकती है, लेकिन चिकित्सा जगत में ‘‘प्रोनिंग’’जानी मानी प्रक्रिया है । इससे शरीर में ऑक्सीजन लेने की प्रक्रिया में सुधार होता है। जिला प्रशासन ने होम आइसोलेशन में मरीजों में सांस लेने में दिक्कत होने पर घबराने के बजाय ‘प्रोन पोजीशन’ यानि पेट के बल लेटने की विधि सुझाया है । इसके लिए ‘ई -निर्देशिका’ जारी की गई है । ई -निर्देशिका के मुताबिक अगर कोरोना संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेशन में है और उनमें ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम होता है, तो तुरंत पेट के बल लेटना चाहिए ।
 
 डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि सही समय पर ‘‘प्रोनिंग’’यानी विशेष तरीके से लेटने की विधि अपनाने से ऑक्सीजन लेवल में सुधार होता है जिससे सांस लेने में तकलीफ कम हो जाती है । इससे खून में ऑक्सीजन लेवल के बिगड़ने पर इसे नियंत्रित किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि प्रोन पोजीशन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं ।
 
 तकिए का इस्तेमाल कर पेट के बल लेटने पर जोर-
 
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशिका में खास जोर पेट के बल लेटने पर दिया गया है।  एक तकिया गरदन के नीचे, एक या दो तकिया सीने से नीचे से लेकर जाँघ तक और और दो तकिए के ऊपर पैरों को रख कर प्रोनिंग करने की विधि बताई गई है ।
 
यह है प्रक्रिया- 
 
  • मरीज को पेट के बल लेटा दें|
  • गर्दन के नीचे एक तकिया रखें फिर एक या दो तकिए छाती और पेट के नीचे बराबर रखें और दो तकिए को पंजे के नीचे रखें ।
  • 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक इस पोजीशन में लेटे रहने से फायदा मिलता है ।
  • 30 मिनटसे दो घंटे में लेटने के पोजीशन को बदलना जरूरी है ।
 
 इन परिस्थितियों में न करें प्रोनिंग- 
 
  • खाना खाने के तुरन्त बाद प्रोनिंग न करें, कम से कम एक घंटे बाद ही करें |
  • अ गर आप प्रेगनेंट हैं, गंभीर हृदय रोग है तो इस प्रक्रिया को ना करें ।
  • उतनी ही देर तक करें जितना आराम से कर सकते हों।
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