Tuesday 22nd of September 2026 01:54:13 AM

Breaking News
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लोंद्रिंग मामले में 21 सितम्बर को पीएमएलए कोर्ट में पेशी |
  • भारत और अमेरिकी सेनाओ का साझा युद्धाभ्यास जारी , ड्रोन और एआई पर फोकस |
  • ODOP से काशी की मशहूर लौंगलता मिठाई को मिल रही नई पहचान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 25 Oct 2020 4:14 PM |   837 views

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पराली न जलाने के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित

 
  • किसानों को पराली खेतों में जलाने पर लगेगा अर्थदण्ड-डीएम।
 
सुलतानपुर- जिलाधिकारी रवीश गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार की सायं 07ः30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पराली ना जलाने के संबंध में किसानों को जागरूक करने हेतु एन०सी०सी०गाइड नवयुवक दल आदि संगठनों के साथ बैठक आयोजित की गयी। 
 
जिलाधिकारी ने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि समाज के अन्नदाता किसानों को पर्यावरण संरक्षित रखने के लिए पराली न जलाने के सम्बन्ध चर्चा की तथा इससे जुड़े हुए नियमों के विषय में बताया। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों का आवाहन करते हुए किसानों तथा समाज के सभी वर्गों में जागरूकता फैलाने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। 
 
जिलाधिकारी ने किसान भाइयों को सूचित किया है कि कोई भी किसान भाई यदि खेतों में फसल अवशेष/पराली जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा तो उसे जुर्माना देना पड़ेगा या जुर्माना जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर लगेगा तथा एक बार से अधिक बार पराली जलाते पाए जाने पर अर्थदंड के साथ कारावास की कार्यवाही भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसान को फसल अवशेष जलाने पर जुर्माना 2 एकड़ से कम पर 2500/- रूपये,  2 एकड़ से 5 एकड़ पर 5000/- तथा 5 एकड़ से अधिक पर 15000/- का जुर्माना शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।
 
डीएम ने बताया कि फसल का अवशेष जलाने पर रासायनिक क्रियाओं से पर्यावरण को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचता है। फसल अवशेषों को जलाने से जड़, तना, पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्वों का नष्ट हो जाना। फसल अवशेषों को जलाने से लाभदायक मित्र कीट जलकर मर जाते हैं, जिसके कारण वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजस्व/कृषि/शिक्षा विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखें यदि कोई भी व्यक्ति फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाएगा तो उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही होगी।
 
जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बैठक में एन०सी०सी स्काउट गाइड एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया है कि कक्षा 9 से 12 तक जितने भी बच्चे स्कूल आते हैं आप सब सभी बच्चों को जागरूक करिए कि अपने घरों में, अपने पड़ोस में व सभी सम्मानित किसानों को बताएं कि पराली खेतों में ना जलाएं, क्योंकि पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान होगा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए फसलों की कटाई हाथ से करें आदि के संबंध में जागरूक किया जाए।
 
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अतुल वस्त ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पराली ना जलाने एवं उससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया तथा सभी स्वयं सेवी संगठनों को भी इस पर रोक लगाने के लिए निर्देशित किया। 
 
जिला विद्यालय निरीक्षक जे0पी0 यादव ने छात्रों तथा स्वयंसेवी संगठनों एन०सी०सी० तथा एस०एन०एस के सहयोग से किसानों द्वारा पराली जलाने की घटना को रोकने के लिए कार्यक्रमों की रूप रेखा के विषय में विस्तार से चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि इस पर प्रभावी रोक लगायी जायेगी। 
 
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी सहित सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।   
Facebook Comments