Wednesday 25th of February 2026 09:00:54 PM

Breaking News
  • ED का अनिल अम्बानी पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन , मुंबई का रु 3716 करोड़ का घर जब्त |
  • EPESTEIN विवाद में बड़ा खुलासा ,बिल गेट्स ने रुसी महिलाओं से रिश्ते की बात भी कबूली |
  • 1 अप्रैल से पूरे देश में मिलेगा E 20 और RON पेट्रोल |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 21 Feb 2020 3:03 PM |   2640 views

गज़ल

सच बोलने की कसम खाने से 

दुश्मनी हो गई  सारे जमाने से 

मै  अपनी माँ का सबक भूलूं कैसे 

कि लगेगा पाप सच छुपाने से 

रूठता कौन है अपनों से इतना 

जो न मान सके मनाने से 

कभी अपनों पर तंज न कसना 

वरना हो जाओगे  बेगाने से 

जिसने जो माँगा वो मिला उसको 

सजदे में उसके सर झुकाने से 

प्यार में लाजिम है कुर्बानियां 

पुछ  लो चाहे जिस दीवाने से 

बड़े -बड़े झुक जाते हैं ‘सागर ‘

प्यार में जरा सा मुस्कुराने से 

( डॉ नरेश सागर , हापुड़ ) 

Facebook Comments