Saturday 19th of September 2026 07:58:06 PM

Breaking News
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लोंद्रिंग मामले में 21 सितम्बर को पीएमएलए कोर्ट में पेशी |
  • भारत और अमेरिकी सेनाओ का साझा युद्धाभ्यास जारी , ड्रोन और एआई पर फोकस |
  • ODOP से काशी की मशहूर लौंगलता मिठाई को मिल रही नई पहचान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 May 2026 8:01 PM |   138 views

इतिहास, पुरातत्व एवं संग्रहालय को जीवंतता प्रदान करती है फोटोग्राफी’’ – प्रो0 राजवन्त राव

गोरखपुर -कार्यक्रम के मुख्य व्याख्याता के रूप में लखनऊ से आए वरिष्ठ फोटोग्राफी विशेषज्ञ अनिल रिसाल सिंह ने ’’फोटोग्राफी: इतिहास, पररातत्व, कला, संस्कृति एवं प्राकृतिक विरासत की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम’’ विषय पर अत्यंत विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने फोटोग्राफी को केवल चित्रांकन का माध्यम न मानकर, बल्कि ऐतिहासिक घटनाओं, पुरातात्विक स्थलों, कलात्मक परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण का एक सशक्त साधन बताया।
 
उन्होंने प्रकाश, संरचना विषय चयन दृष्टिकोण तथा व्यू प्वांइट के चयन के महत्व को उदाहरणों के माध्यम से समझाया और प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार फोटोग्राफी के माध्यम से विलुप्त होती सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकता है तथा समाज के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है। व्याख्यान के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने प्रश्न भी रखे, जिनका समाधान प्रशिक्षक द्वारा किया गया।
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने 40 चयनित प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए एवं धरोहर संग्रह प्रदर्शनी के संग्रहकर्ता हिमांशु कुमार सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विधायक द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं को सृजनात्मक दिशा प्रदान करती हैं तथा उनके कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला के अंतर्गत आयोजित धरोहर संग्रह प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कलाकृतियों की सराहना की।
 
 कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजवंत राव की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने सम्बोधन में विशेष रूप से युवा प्रतिभागियों को फोटोग्राफी के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यह कला न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है, बल्कि करियर निर्माण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। प्रो0 राव द्वारा गोरखपुर के सांस्कृतिक वैभव विषयक दो दिवसीय फोटो प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार श्रेया तिवारी द्वितीय पुरस्कार इशान्त मानवीय एवं तृतीय पुरस्कार शिव प्रकाश को प्रदान किया गया। साथ ही सांत्वना पुरस्कार से विनिता मिश्रा एवं पवन कुमार को सम्मानित किया गया।
 
उक्त के अतिरिक्त संग्रहालय के प्रदर्शनी हाल में प्रदर्शित धरोहर संग्रह प्रदर्शनी का अवलोकन गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो0 राजवन्त राव के अतिरिक्त अन्य विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा करते हुए प्रदर्शनी की सराहना की गयी।
 
कार्यक्रम के संयोजक के रूप में डॉ0 यशवन्त सिंह राठौर, उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। डॉ0 राठौर द्वारा बौद्ध संग्रहालय के 39 वें स्थापना दिवस पर संग्रहालय की विकास-यात्रा को फोटोग्राफी के माध्यम से सभी से साझा किया गया।                        
Facebook Comments