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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 19 Apr 2026 7:03 PM |   170 views

बच्चों के निर्माण में परिवार और समाज की साझा भूमिका होती है-प्रो. परिचय दास

नालंदा जिले के नेपुरा ग्राम में एसओएस विलेज संस्था द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जानी मानी भोजपुरी चित्रकार वंदना श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि के रूप में बच्चों के समग्र विकास पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार शब्दों से नहीं बल्कि व्यवहार से मिलते हैं। सच का संस्कार देना आवश्यक है तथा झूठ की प्रवृत्ति से बच्चों को दूर रखना चाहिए। पर्वों के संस्कारों को जीवन में शामिल करने और बच्चों को पर्याप्त समय देने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया।
 
उन्होंने कहा कि अभिभावकों का आचरण ही बच्चों के व्यक्तित्व की आधारशिला बनता है। डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तकनीक के संतुलित उपयोग की बात कही। शिक्षा को बोझ नहीं बल्कि अनुभव बनाने तथा जिज्ञासा, रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देने पर उन्होंने ध्यान आकर्षित किया। स्वास्थ्य के संदर्भ में संतुलित आहार, खेलकूद, पर्याप्त नींद और मानसिक सजगता को आवश्यक बताया।
 
इस अवसर पर नव नालंदा महाविहार के आचार्य प्रो. परिचय दास ने कहा कि बच्चों के निर्माण में परिवार और समाज की साझा भूमिका होती है। शिक्षा का उद्देश्य संवेदनशील और जिम्मेदार मनुष्य बनाना है। शोधछात्र शिशुपाल ने शिक्षा को जीवन से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
 
कार्यक्रम के संयोजक अतुल सिंह ने ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया, जबकि सह-संयोजक सदानंद ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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