डॉ0 संजुला सिंह “संजू” को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा सम्मान रत्न
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जमशेदपुर शहर की निवासी डॉ0 संजुला सिंह “संजू” जी को नेपाल की सुप्रसिद्ध संस्था “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन” नेपाल द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि 2026 से सम्मानित किया गया । इसके साथ ही इन्हें 08 मार्च को दो और संस्थाओं “साहित्यिक हस्ताक्षर” संस्था और विलक्षण प्रतिभा साहित्यिक संस्था पंजवार”के द्वारा भी सम्मानित किया गया । संजू जी पहले भी कई और भी संस्थाओं से कई बार कई अलग – अलग मानद उपाधियों से सम्मानित हो चुकी हैं। संजू जी वरिष्ठ साहित्यकारों में जानी जाती हैं, इनकी रचनाएं पाठकों के हृदय को स्पर्श करती है। पाठक गण अक्सर इनकी रचनाओं को पढ़ कर बहुत प्रभावित होते हैं ।दरअसल संजू जी की रचनाएं समाज को आइना दिखाने का काम करती है । इनकी लेखनी किसी एक विधा में नहीं होती, ये हर विधा में अपना लेखन करती है; जिसे पाठकों के द्वारा बहुत पसंद किया जाता है और सराहा भी जाता है।
2024 में संजू जी की पहली पुस्तक अभिव्यक्ति ( काव्य संग्रह )जब पाठकों के समक्ष आई थी तो उसे भी पाठकों के द्वारा खूब पसंद किया गया, खूब सराहा गया था । दरअसल संजू की लेखनी बड़ी ही सरल और हृदय स्पर्शी होती है, इनकी रचनाओं को पढ़कर ऐसा प्रतीत होता है कि ये कोई भी रचना को उसकी गहराई में डूब कर लिखती हैं । डॉ० संजू कई ऑनलाइन,ऑफ लाइन मंचों से भी जुड़ी हुई हैं, वहां भी कार्यक्रम के दौरान इनकी रचनाओं को लोगों के द्वारा खूब सराहा जाता है।
इनकी लेखनी सदैव सत्य, संवेदना और सामाजिक चेतना का प्रतिनिधित्व करती है, साथ ही समाज की कुरीतियों पर कराड़ा प्रहार भी करती है । संजू जी की रचनाएं अक्सर देश- विदेश के भिन्न – भिन्न शहरों से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र – पत्रिकाओं में भी प्रकाशित होते रहते हैं।
संजू जी कवयित्री, लेखिका, होने के साथ- साथ वरिष्ठ पत्रकार भी हैं। इन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है । अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मेलन 2025 में भी इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि संजू जी एक कर्मशील, जागरूक और अच्छे सच्चे व्यक्तित्व की धनी लेखिका हैं।
Facebook Comments
