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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 8 Feb 2026 8:11 PM |   215 views

क्या मिलता है, किसान मेले में जाने से

भारतीय कृषि आज केवल उत्पादन की चुनौती से नहीं जूझ रही, बल्कि उसे स्थायित्व, लाभ और सम्मान तीनों को एक साथ साधना है। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव, उत्पादन लागत में निरंतर वृद्धि और बाजार की अनिश्चितता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब खेती केवल परंपरा के सहारे आगे नहीं बढ़ सकती। इसे विज्ञान, तकनीक और सुविचारित प्रबंधन के साथ जोड़ना अनिवार्य हो गया है। वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला कृषक वर्ष के अंतर्गत महिला किसानों की भूमिका को केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में स्वीकार करता है। किसान मेला सभी प्रतिभागियों को डिजिटल दुनिया के संभावित दिखावो से दूर वास्तविकता के धरातल पर अनुसंधान, किसान और परिणाम सभी को एक साथ मंच प्रदान करता है।
 
किसान मेले का उद्देश्य-
कृषि विज्ञान मेला मात्र एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और खेत स्तर की वास्तविकताओं के बीच जीवंत संवाद का मंच है। यहाँ अनुसंधान कागज़ से निकलकर खेत तक पहुँचता है और किसान का अनुभव वैज्ञानिक सोच को नई दिशा देता है।
 
मेले में प्रमुख रूप से:-
* नवीन कृषि योजनाओं की वैज्ञानिक व्याख्या
* फसल विविधीकरण और जलवायु अनुकूल कृषि प्रणालियाँ
* महिला एवं युवा आधारित कृषि उद्यमिता
* कृषि विपणन, FPO एवं मूल्य संवर्धन
* लागत घटाने और लाभ बढ़ाने के तरीके
* डिजिटल एवं स्मार्ट कृषि तकनीक
* यंत्रीकरण और संसाधन दक्ष खेती
* अपनी समस्याओं का तुरंत समाधान
* नई किस्मों और तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव
* किसानों का आपसी संवाद
* मूल्य संवर्धन, उद्यमिता, स्टार्टअप, प्रसंस्करण और मार्केटिंग
* जीवंत फसल प्रदर्शन एवं तकनीकी मॉडल
को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे किसान केवल जानकारी नहीं, बल्कि दृष्टि लेकर लौटे।
 
किसान मेले का वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व-
किसान मेले भारतीय कृषि विस्तार प्रणाली की आत्मा हैं। ये मेले प्रयोगशाला और खेत के बीच की दूरी को कम करते हैं। जब किसान वैज्ञानिक से सीधे संवाद करता है, तभी तकनीक अपनाने में विश्वास पैदा होता है।
 
किसान मेले वास्तव में:-
  •  ज्ञान के लोकतंत्रीकरण का माध्यम हैं
  • व्यवहारिक सीख प्रदान करते हैं
  • समस्याओं के त्वरित समाधान का मंच बनते हैं
  • युवा और महिलाओं को कृषि से जोड़ते हैं
  • कृषि को जोखिम नहीं, बल्कि प्रबंधित व्यवसाय के रूप में स्थापित करते हैं।
  • यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि किसान मेले खेती में आत्मविश्वास का बीज बोते हैं।*
 
उन्नत बीज: आगामी सीजन की ठोस तैयारी-
पूसा कृषि विज्ञान मेले की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहाँ आगामी कृषि मौसम की प्रमुख फसलों जैसे धान, मूंग, अरहर तथा अन्य दलहन और तिलहन फसलों की नवीन, उन्नत और अनुसंशित प्रजातियों के बीज किसानों को उचित दर पर, सीमित मात्रा में उपलब्ध कराए जाते हैं। ये बीज किसी निजी प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घकालीन अनुसंधान, परीक्षण और क्षेत्रीय अनुकूलता के वैज्ञानिक मूल्यांकन का निष्कर्ष होते हैं। किसान इन्हें अपने खेत में प्रयोग के रूप में अपनाकर आने वाले वर्षों की रणनीति तय कर सकता है। यही वैज्ञानिक खेती की वास्तविक शुरुआत है।
आगामी महत्वपूर्ण किसान मेले, स्थान और संबद्ध संस्थान-
1. पूसा क़ृषि विज्ञान मेला 2026
25–27 फरवरी 2026
 मेला ग्राउंड, ICAR–Indian Agricultural Research Institute (IARI), नई दिल्ली
 आयोजक: ICAR–IARI, नई दिल्ली
 
2. 19th PDFA International Dairy & Agri Expo 2026
 07–09 फरवरी 2026
 Cattle Fair Ground, Jagraon, Ludhiana, पंजाब
 आयोजक: Progressive Dairy Farmers Association (PDFA)
 
3. Farmer India Expo 2026
 04–06 जून 2026
 India Expo Centre, Greater Noida, उत्तर प्रदेश
 आयोजक: Indian Exhibition Services
 
4. PAU Kisan Melas (Punjab Agricultural University)
  मार्च 2026 (अनुक्रमित)
 पंजाब के विभिन्न स्थान —
• 10 मार्च: Nagkalan-Jahangir, अमृतसर
• 12 मार्च: पटियाला
• 14 मार्च: Ballowal Saunkhri
• 17 मार्च: Faridkot
• 20–21 मार्च: PAU कैंपस, लुधियाना
• 24 मार्च: Bathinda
• 27 मार्च: Gurdaspur
 आयोजक: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU)
 
5.Agrofest 2026 (Southern Regional Agriculture Fair)
18–22 फरवरी 2026
 Kerala Agricultural University (KAU), Vellanikkara, Thrissur, केरल
आयोजक: Kerala Agricultural University
 
6. AgriCon India 2026
 01–03 अक्टूबर 2026
 BIEC, बेंगलुरु, कर्नाटक
 आयोजक: AgriCon India Organizer Group
 
7. (संभावित) DRPCAU कृषि मेला, समस्तीपुर
15–17 फरवरी 2026 (संभावित)
 डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (DRPCAU), समस्तीपुर, बिहार
 आयोजक: DRPCAU
 
8. मध्य भारत एग्रो एक्सपो 2026
20–23 मार्च 2026
 अंबेडकर ग्राउंड, रतलाम, मध्य प्रदेश
 आयोजक: Balaji Event & Exhibition (एक प्रदर्शनी / कृषि व्यवसाय प्लेटफॉर्म)
 
9. 119th All India Kisan Mela and Agricultural Industry Exhibition
13–16 मार्च 2026
पंतनगर विश्वविद्यालय (G. B. Pant University of Agriculture and Technology), उ Uttarakhand (Rudrapur)
 
 आयोजक: पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय
 
10. (संभावित) India Horti Expo 2026 (जहाँ बागवानी, फलों व सब्जियों पर फ़ोकस)
19–21 जून 2026
 
 Hotel Hills Convention Centre, Hosur, तमिलनाडु
 आयोजक: Horti Expo संगठन
 
अन्तिम सार-
कृषि विज्ञान मेला एक ऐसा मंच है जहाँ विज्ञान दिशा देता है, अनुभव उसे परखता है और किसान उसे अपनाकर भविष्य गढ़ता है। यह मेला किसानों को सही जानकारी, प्रमाणित तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने और जोखिम को समझदारी से प्रबंधित करने की क्षमता विकसित करता है। अंततः यह आयोजन भारतीय कृषि को परंपरा से विज्ञान की ओर, और आश्रित मानसिकता से आत्मनिर्भर सोच की ओर ले जाने का एक सशक्त प्रयास है। क्योंकि जब किसान सशक्त होता है, तभी कृषि समृद्ध होती है और तभी राष्ट्र वास्तव में विकसित बनता है।
 
“किसान मेला खेत में फसल बोने से पहले, दिमाग में सोच बोने की जगह है।”
 
डॉ. शुभम कुमार कुलश्रेष्ठ,विभागाध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापक – उद्यान विभाग
(कृषि संकाय) ,रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन, मध्य प्रदेश
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