एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 60 कृषकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित
देवरिया-एकीकृत बागवानी विकास मिशन 2025-26 योजनान्तर्गत चयनित 60 कृषकों का दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम उद्यान विभाग, देवरिया द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन 12 जनवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना (भाटपार रानी) में प्रशिक्षण सत्र सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला उद्यान अधिकारी रामसिंह द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित कृषकों, जिला गन्ना अधिकारी, भू-संरक्षण अधिकारी, कृषि ज्ञान केंद्र प्रभारी तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का स्वागत एवं अभिवादन कर किया गया।
इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन सहित उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कृषक प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सहायक उद्यान निरीक्षक सुशील शर्मा एवं रणजीत यादव द्वारा कृषकों को आधुनिक औद्यानिक तकनीकों एवं नवीन नवाचारों को अपनाने के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रगतिशील कृषक चन्दन कुशवाहा (पुत्र मुन्द्रिका कुशवाहा) ने प्याज एवं आलू की खेती से होने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए खरीफ प्याज की खेती से अधिक मुनाफा अर्जित करने के लिए कृषकों को प्रेरित किया।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जय कुमार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं मिनी/पोर्टेबल स्प्रिंकलर के प्रयोग से जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि एवं लागत कम करने की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
डॉ. कमलेश मीणा ने फूलगोभी की खेती पर विस्तृत चर्चा करते हुए वर्षभर उगाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी तथा कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मंधाता सिंह ने जलवायु परिवर्तन एवं मौसम की अनिश्चितता के दृष्टिगत एकीकृत खेती अपनाने पर बल दिया। उन्होंने खेती के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन एवं पॉलीहाउस तकनीक के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। सिंह द्वारा मिश्रित खेती जैसे गन्ने में आलू, सरसों एवं गोभी तथा केले के साथ बैंगन, टमाटर की खेती से प्रति इकाई लागत एवं लाभ का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया।कृषि ज्ञान केंद्र प्रभारी एवं वैज्ञानिक संतोष चतुर्वेदी ने पोमैटो (आलू-टमाटर) एवं ब्रोमैटो (बैंगन-टमाटर) की एक पौधे पर खेती की तकनीक, अधिक उत्पादन एवं कम रोग-कीट प्रकोप के लाभों की जानकारी दी।
ग्राम पंचायत मिश्रौली, विकास खण्ड बनकटा के कृषकों की मांग पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य द्वारा हल्दी की मिश्रित खेती, कम लागत, अधिक लाभ, प्रोसेसिंग एवं विपणन की जानकारी दी गई। उन्होंने काली हल्दी की खेती एवं इसके औषधीय उपयोगों पर भी प्रकाश डालते हुए भविष्य में इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए कृषकों को खेती की सलाह दी।
जिला गन्ना अधिकारी द्वारा अधिक उत्पादन देने वाली गन्ने की उन्नत प्रजातियों एवं रिंगपिट विधि से खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। जनपद में इस विधि से प्रति एकड़ 1000 कुंतल उत्पादन के उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए।
भू-संरक्षण अधिकारी संतोष कुमार मौर्य ने मृदा उर्वरता, अनियंत्रित सिंचाई से होने वाली क्षति तथा मेड़-तालाब वानिकी के महत्व पर जानकारी दी।
प्रशिक्षण के अंत में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) के माध्यम से हल्दी विपणन हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ‘देव हेल्थी’ ब्रांड का शुभारम्भ किया गया है। कृषक गोष्ठी, मेले एवं तहसील स्तर पर आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में हल्दी स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार एवं बिक्री कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए एफपीओ के सीईओ अनुज सिंह (निवासी खामपार, मोबाइल: 9838900423) से संपर्क किया जा सकता है।
सहायक उद्यान निरीक्षक सुशील शर्मा द्वारा सभी कृषकों, वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण सत्र के समापन की घोषणा की गई तथा अगले दिन के भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के द्वितीय दिन 13 जनवरी 2026 को कृषकों के समूह को कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना से विभिन्न प्रगतिशील कृषकों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया गया। इसमें ग्राम दनउर भटनी निवासी श्री विवेक सिंह के पपीता प्रक्षेत्र, ग्राम खामपार निवासी अनुज सिंह के केला एवं हल्दी मिश्रित खेती, रामप्रवेश के बैंगन एवं गोभी, मुकेश के टमाटर तथा चन्दन प्रसाद कुशवाहा के प्याज एवं आलू के खेतों का अवलोकन कराया गया।
इस दौरान प्रगतिशील कृषकों एवं उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई।
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