विभाजन विभीषिका के अवसर पर ’’अभिलेखों की प्रदर्शनी एवं मौन श्रद्धांजलि’’ का आयोजन
गोरखपुर- संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जिला प्रशासन, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाजन विभीषिका से संबंधित अभिलेखों की प्रदर्शनी एवं मौन श्रद्धांजलि अर्पण की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुष्पदंत जैन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, घर-परिवार और स्मृतियों का विछोह था। उन्होंने युवाओं से इतिहास से सीख लेने और देश की एकता व अखंडता के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
प्रदर्शनी में विभाजन के दौर की दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेज़, छायाचित्र, मानचित्र, समाचार पत्रों की कतरनें एवं अभिलेखों को प्रदर्शित किया गया, जिनके माध्यम से उस समय की पीड़ा, संघर्ष और मानवीय त्रासदी को सजीव रूप में महसूस किया जा सका।नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों एवं इतिहास प्रेमियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मौन श्रद्धांजलि में भाग लिया। मौन श्रद्धांजलि के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने विभाजन में शहीद हुए एवं विस्थापन के शिकार लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राम मनोहर त्रिपाठी प्रधानाचार्य (आचार्य नरेंद्र देव इण्टरमीडिएट कॉलेज, लहसड़ी- गोरखपुर) ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत के स्वतंत्रता संघर्ष, विभाजन की त्रासदी एवं राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराना है।
कार्यक्रम का संचालन संग्रहालय के उप निदेशक द्वारा किया गया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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