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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Aug 2025 7:37 PM |   685 views

मानसिक अवसाद के प्रभाव को समझना ही इलाज है

गोरखपुर-आज 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में सेनानायक निहारिका शर्मा के निर्देशन में रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
 
इस कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी गोरखपुर के प्रो. अनुभूति दुबे तथा धनंजय कुमार के टीम द्वारा रिक्रूट महिला आरक्षियों के साथ निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
 
मानसिक स्वास्थ्य- मानसिक स्वास्थ्य और जागरूकता का मतलब है मानसिक बीमारी के बारे में जानकारी प्राप्त करना, इसके प्रभाव को कम करना और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों को पहचानना, उनके बारे में बात करना, और ज़रूरत पड़ने पर मदद लेना शामिल है।
 
सामाजिक समर्थन – सामाजिक समर्थन मासिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 
 नकारात्मक विचारों से बचना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
 
अपने संबोधन के दौरान प्रो. दूबे ने कहा की आम मानसिक कल्याण की एक ऐसी स्थिति है जो लोगों को जीवन के तनावों का सामना करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने, अच्छी तरह सीखने और काम करने, और अपने समुदाय में योगदान करने में सक्षम बनाती है। 
 
इस अवसर पर सहायक सेनानायक संजयनाथ तिवारी, शिविरपाल गणेश सिंह तथा सूबेदार सैन्य सहायक  नागेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे।
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