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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 17 Jul 2025 6:46 PM |   652 views

आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सफल परीक्षण

16 जुलाई, 2025 को लद्दाख में अत्यधिक ऊंचाई क्षेत्र वाले क्षेत्र में दो हवाई उच्च गति के मानवरहित लक्ष्यों को आकाश हथियार प्रणाली के उन्नत संस्करण, आकाश प्राइम द्वारा सफलतापूर्वक नष्ट करके भारत ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। सेना की ये हथियार प्रणाली समुद्र तट से 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित करने के लिए अनुकूलित है और इसमें स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर सहित नवीनतम प्रणालियां हैं।

उपयोगकर्ताओं से प्राप्त परिचालन फीडबैक के आधार पर, परिचालन प्रभावशीलता में सुधार के लिए विभिन्न परिवर्तन किए जाते हैं, जो स्वदेशी हथियार प्रणाली के लिए बनाए गए इकोसिस्टम के लाभ को दर्शाता है।

सेना वायु रक्षा और डीआरडीओ ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जैसे रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का सफलतापूर्वक सत्यापन किया है। ये परीक्षण प्रथम उत्पादन मॉडल फायरिंग ट्रायल के हिस्से के रूप में किए गए और इससे समय पर सैन्य तैनाती और देश के अत्यधिक ऊँचाई वाले सीमा क्षेत्रों में वायु रक्षा क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा स्वदेश में विकसित वायु रक्षा प्रणालियों के असाधारण प्रदर्शन के बाद आने से यह उपलब्धि ओर भी अहम है। यह भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रमों की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अब वैश्विक रक्षा बाजार में तेज़ी से अपना स्थान बना रहे हैं।

रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए भारतीय सेना, डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने इस सफलता को भारत की वायु रक्षा क्षमताओं, विशेष रूप से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में एक अहम प्रोत्साहन बताया।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने सफल परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी और कहा कि इस मिसाइल ने अधिक ऊंचाई वाले सीमा क्षेत्र में भारत की अहम वायु रक्षा आवश्यकताओं को पूर्ण किया है।

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