Monday 2nd of March 2026 11:03:29 AM

Breaking News
  • ईरान पर हमले के बीच अमेरिकी सेना ने मार गिराए कई पाकिस्तानी ,मची भगदड़ |
  • पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट से 50 लाख घुसपैठियों का सफाया ,बीजेपी नितिन नवीन का बड़ा दावा |
  • उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अगला फ्रेंच फ्राई केंद्र ,जलवायु परिवर्तन से आलू की गुणवत्ता में सुधार |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 1 Sep 2024 2:03 PM |   484 views

के सी त्यागी ने दिया JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। त्यागी के इस्तीफे के बाद पार्टी ने राजीव रंजन प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के महासचिव आफाक अहमद खान ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि त्यागी ने निजी कारणों की वजह से इस्तीफा दिया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि त्यागी के इस्तीफे के पीछे उनके पार्टी और गठबंधन विरोधी बयान और अन्य कारण हैं।

आफाक अहमद खान की ओर से जारी बयान में लिखा गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार) ने राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया है। के. सी. त्यागी, जो प्रवक्ता के पद पर पार्टी में है, उन्होंने निजी कारण से पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया। राजीव रंजन प्रसाद नए पार्टी प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं। 

आफाक अहमद खान की ओर से जारी बयान में लिखा गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार) ने राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया है। के. सी. त्यागी, जो प्रवक्ता के पद पर पार्टी में है, उन्होंने निजी कारण से पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों पर अक्सर की जाने वाली त्यागी की टिप्पणियां जद(यू) और उसकी सहयोगी भाजपा के संबंधों में असहजता का कारण बन रही थीं। सूत्रों ने बताया कि चाहे समान नागरिक संहिता हो, वक्फ (संशोधन) विधेयक हो या फिलिस्तीन के मुद्दे पर सरकार का रुख या फिर अन्य मुद्दे हों, समाजवादी नेता त्यागी का मुखर रुख पार्टी के भीतर के कई नेताओं को रास नहीं आया और इन वजहों से भाजपा को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

जद(यू) सूत्रों का कहना है कि पार्टी चाहती है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह और पार्टी संसदीय दल के नेता व कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भाजपा के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में भूमिका निभाएं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में मतभेद को लेकर अक्सर होने वाली चर्चाओं को विराम देने के लिए सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के वास्ते घटक दलों के नेताओं से संपर्क कर रही है।

 

Facebook Comments