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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 11 Aug 2024 4:47 PM |   706 views

लोकनायक एवं युगद्रष्टा हैं गोस्वामी तुलसीदास : पवन कुमार

गोरखपुर- आज संस्कृति विभाग ,उत्तर प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, के तत्वावधान में  विजय चौक स्थित एस एस एकेडमी के प्रांगण मे गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी एवं “तुलसी के राम “ का कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ|
 
कार्यक्रम का शुभारंभ  मुख्य अतिथि मानस मर्मज्ञ पवन कुमार मिश्र,वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक , पूर्वोत्तर रेलवे , विशिष्ट अतिथि आचार्य बृजेश मणि मिश्रा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही भारत विकास परिषद प्रांतीय पदाधिकारी सुधा मोदी सहित श्री हरि शाखा के अध्यक्ष कनक हरि अग्रवाल सचिव राजर्षि बंसल महिला संयोजिका डॉ प्रियंका वर्मा एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ निशि अग्रवाल ने गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया|
 
तत्पश्चात हृदय त्रिपाठी द्वारा गणेश वंदना की गई इसी क्रम में विष्णु शंकर श्रीवास्तव ने रामचरितमानस की चौपाई सुनाई, अंजना लाल ने राम जी पर भजन प्रस्तुत किया |
 
कनिष्क अग्रवाल ने रामचरित्र मानस की चौपाई सुनाई,वनवासी छात्रावास से आए बच्चों ने राम जी पर अत्यधिक सुंदर भजन की प्रस्तुति इन्हीं सबके बीच बैठे सबसे छोटे 6  वर्षीय कनिष्क हरि अग्रवाल ने की जन्म लिए चारों भैया की प्रस्तुति पर बैठे सभी मंचासीन अतिथिगण अत्यधिक प्रसन्न हुए एवं नन्हे से बच्चे को खूब  साधुवाद दिए |
 
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि लोकनायक एवं युगद्रष्टा हैं तुलसीदास आज पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास जी के कृतियों एवं साहित्य की सर्वाधिक आवश्यकता है। उनकी अप्रतिम रचना श्री राम चरित मानस को बालकों को युवाओं को सर्वाधिक पढ़ना एवं आत्मसात करना चाहिए । यदि समाज में परिवार में संस्कार के बीज बोने हैं तो हमे तुलसी साहित्य को पढ़ना ही होगा ।
 
श्री राम के कथा एवं चरित्र को लोकभाषा में रचकर जन जन तक पहुंचाने का कार्य तुलसीदास जी ने किया । आज यह ग्रंथ विश्व के अनेक भाषाओं में अनूदित है । उनका स्वयं कहना था कि इसमें सभी पुराण निगम आगम एवं इसके अलावा भी बहुत कुछ है| इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए तुलसीदास जी के जीवन के बारे में विस्तृत चर्चा की |
 
विशिष्ट अतिथि आचार्य बृजेश मणि मिश्र ने कहा कि व्यक्ति अगर अपने जीवन में रामचरितमानस को अपना ले तो निश्चित ही किसी भी विषम से विषम परिस्थिति में वह विफल नहीं हो सकता व्यक्ति किसी भी वर्ग में काम कर रहा हो चाहे वह राजनीतिक हो व्यावसायिक हो कर्मचारी हो मालिक हो रामचरित्र मानस का पाठ करने वाले को जीवन में आ रही समस्याओं का बहुत ही सुलभता से समाधान मिल जाता है | ने कहा मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे तुलसीदास जी की जयंती की अध्यक्षता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ |
 
कार्यक्रम का सुंदर संचालन शिवेंद्र पांडे जी द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम के विराम पर से स विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. निशि अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया| राम सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया| कार्यक्रम के समन्वयक डॉ राकेश श्रीवास्तव थे ।
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