Tuesday 17th of March 2026 03:22:52 PM

Breaking News
  • हम साथ नही देंगे —ब्रिटेन ,ऑस्ट्रेलिया जापान सबने एक एक कर मना किया, होर्मुज में अकेले जाने से डर गया अमेरिका|
  • लोकसभा में कल पेश होगा प्रस्ताव 8 निलम्बित सांसदों की हो सकती है वापसी |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 3 Feb 2026 7:47 PM |   118 views

लोकसभा में भारी हंगामा, कागज उछालने पर 8 सांसद निलम्बित

सदन की कुर्सी पर कागज़ फेंकने के आरोप में आठ लोकसभा सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबित सांसदों में मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, किरण कुमार रेड्डी, एस वेंकटेशन, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस और प्रशांत पाडोले शामिल हैं। इनमें से सात सांसद कांग्रेस पार्टी से हैं, जबकि वेंकटेशन सीपीएम से हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने का प्रयास करने के मुद्दे पर बैठक तीन बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आसन की अवज्ञा करने के लिए कांग्रेस सदस्यों अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरदीप सिंह औजला,हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर तथा माकपा सांसद एस वेंकटेशन के नाम लिए। 

संसदीय कार्य मंत्री किरेन  ने आठों सदस्यों का नाम लेते हुए सदन में प्रस्ताव रखा कि सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उक्त सभी सदस्यों को नियम 374 (2) के तहत संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके बाद बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। 

विपक्षी सदस्यों ने सदन में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप कागज उछालकर फेंके थे। राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन में नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सत्यापित करते हुए सदन के पटल पर रखा। उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण और चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसका चीन तथा पाकिस्तान के साथ संबंध है और यह राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रमुख हिस्सा है। आसन से उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

Facebook Comments