“किसान दिवस” सह “विकसित भारत–ग्राम” जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
कुशीनगर-आईसीएआर–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), कृषि विज्ञान केंद्र एवं क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन, सरगटिया, कुशीनगर द्वारा आज कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में “किसान दिवस” सह “विकसित भारत–ग्राम” जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान किसानों के लाभार्थ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम में रबी फसलों के लिए पोषक तत्व, खरपतवार एवं जल प्रबंधन विषय पर किसान–वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्नत तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) पर विशेष प्रकाश डाला गया तथा विकसित ग्राम पंचायतों के निर्माण, 125 दिनों तक रोजगार उपलब्धता एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शैलेंद्र सिंह गहरवार (प्रदेश उपाध्यक्ष, जदयू एवं अध्यक्ष, राष्ट्रीय कृषक संघ) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि प्रेम चंद मिश्रा (पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त अनिल सिंह (जिला अध्यक्ष, जदयू) एवं श्री सत्यजीत सिंह (जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय कृषक संघ) की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान, क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन, सरगटिया द्वारा किया गया, जिन्होंने चौधरी चरण सिंह के किसान हित में योगदान एवं किसानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. शमशेर सिंह, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र, कुशीनगर ने विकसित भारत–ग्राम योजना की विशेषताओं, इसके लाभों तथा इसे मनरेगा से अलग एवं अधिक प्रभावी योजना के रूप में समझाया।
मुख्य अतिथि शैलेंद्र सिंह ने कृषि एवं किसानों की भूमिका, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान तथा कुशीनगर के फसल प्रतिरूप पर अपने विचार रखे।
प्रेम चंद मिश्रा ने नई एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा कृषि विकास में किसानों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील कृषक पारस नाथ सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों कपिल देव कुशवाहा, अनिता सिंह, राबिया खातून सहित अन्य किसानों ने अपने कृषि अनुभव एवं उन्नत खेती पद्धतियों को साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कुल 205 किसानों ने सहभागिता की, जिनमें 76 पुरुष एवं 129 महिला किसान शामिल थे। सभी प्रतिभागी किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधों के पौधे वितरित किए गए।
कार्यक्रम में डॉ. अरुण प्रताप सिंह, डॉ. गंगा राज, श्रुति वी. सिंह, रिद्धि वर्मा, मोतीलाल कुशवाहा, कृपा शंकर चौधरी,विशाल सिंह एवं प्रशांत गुप्ता सहित कृषि विज्ञान केंद्र एवं अनुसंधान स्टेशन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा किसानों में सरकारी योजनाओं एवं उन्नत कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।
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