Tuesday 14th of July 2026 10:50:24 AM

Breaking News
  • नागरिकता निर्धारण की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए -सर्वोच्य न्यायालय|
  • भारत नेपाल सीमा पर अवैध रूप से नेपाल जा जा रहा अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार |
  • अयोध्या चंदा चोरी मामले में एस आई टी की जांच तेज , संतोष दूबे से एक घंटे तक हुई पूछताछ|
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Dec 2025 7:22 PM |   211 views

एयरोपोनिक्स तकनीक से आलू मिनी ट्यूबर उत्पादन की दिशा में कुशीनगर को मिली नई सौगात

कुशीनगर-जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुंमार ने जिले के किसान भाईयों को अवगत  कराते हुए अत्यंत प्रसन्नता  व्यक्त की है  कि आज स्टेट ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो, राजकीय आलू फार्म, कसया, कुशीनगर पर एयरोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से आलू उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है।
 
कई तकनीकी चुनौतियों के बाद एयरोपोनिक्स इकाई में आलू के 1000 मिनी ट्यूबर पौधे (किस्म–कुफरी उदय) सफलतापूर्वक रोपित किए गए।  इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी एवं उनके कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी तथा स्टेट ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो की तकनीकी टीम उपस्थित रही।
 
एयरोपोनिक्स तकनीक से तैयार किए गए यह मिनी ट्यूबर पूर्णतः रोगमुक्त, समान आकार के एवं उच्च गुणवत्ता युक्त होते हैं। इस इकाई में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख मिनी ट्यूबर उत्पादन की क्षमता है, जिससे जनपद एवं प्रदेश के किसानों को शुद्ध एवं प्रमाणित आलू बीज सुलभ हो सकेगा। इससे आलू उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
 
उन्होंने बताया कि यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों की खुशहाली एवं उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में इस प्रकार का यह दूसरा स्टेट ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो केंद्र है, जबकि पहला केंद्र जनपद कुशीनगर में ही स्थापित किया गया है।
 
एयरोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से एक पौधे से पुनः 40 से 45 मिनी ट्यूबर तक प्राप्त किए जा सकते हैं, जो किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर एवं उच्च गुणवत्ता वाला आलू बीज उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
 
स्टेट ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो के निर्माण में प्रधानमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, उद्यान विभाग, जिला प्रशासन कुशीनगर तथा संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
Facebook Comments