Saturday 13th of June 2026 07:07:04 AM

Breaking News
  • धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर अल्टीमेटम, अभिजीत दिपके की चेतावनी -अब युवा पीछे नही हटेंगे |
  • दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत को आंधी और बारिश से मिली बड़ी राहत|
  • अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगो की मौत | 
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 9 Nov 2025 6:50 PM |   389 views

बौद्ध धर्मगुरु भदंत ज्ञानेश्वर को सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कुशीनगर स्थित म्यांमार बौद्ध विहार पहुंचकर बौद्ध धर्मगुरु अग्गमहापंडित भदंत ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भदंत ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए और पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 
 
भदंत ज्ञानेश्वर, कुशीनगर बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष और म्यामांर बौद्ध विहार के प्रमुख भी थे। लंबी बीमारी के बाद 31 अक्टूबर को उनका निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार 11 नवंबर को होगा। इस बीच उनका पार्थिव शरीर म्यामांर बौद्ध विहार में रखा गया है, जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। रविवार को कुशीनगर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी म्यामांर बौद्ध विहार पहुंचकर भदंत ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
 
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे, विधायक पडरौना, कुशीनगर, तमकुहीराज, फाजिलनगर, खड्डा, रामकोला, सहित अन्य जन प्रतिनिधि गण एवं कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसपी सहित बौद्ध भिक्षु गण उपस्थित रहे।
 
जीवन परिचय-
अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदन्त ज्ञानेश्वर का देहावसान दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को सुबह 05:59 बजे हो गयी है। ज्ञानेश्वर बाबा साहब भीम राव अम्बडेकर के गुरू भाई थे तथा भिक्षु ज्ञानेश्वर मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक योगदान और म्यांमार सरकार द्वारा उन्हें दिए गए सर्वोच्च सम्मानों के लिए उनकी ख्याति थी। इनके द्वारा कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाये। इन्होने ने कुशीनगर में वर्मीज पैगोडा का निर्माण कराया एवं एक अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप विकसित किया जहाँ पर देश विदेश से श्रद्धालु आते है।
 
योगदान और उपलब्धियां-
शिक्षा-हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की शिक्षा उ०प्र० बोर्ड, स्नातक, परास्नातक एवं विधि स्नातक गोरखरपुर विश्वविद्यालय।
 
बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार भिक्षु ज्ञानेश्वर ने अपना जीवन बुद्ध की शिक्षाओं को फैलानें में समर्पित कर दिये।
 
शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास उन्होने कुशीनगर में कई स्कूल स्थापित किये एवं म्यांमार बौद्ध बिहार के प्रमुख के रूप में कार्य किये। उन्होने म्यांमार बौद्ध बिहार परिसर में वर्मीज पैगोडा का निर्माण कराया गया, जो एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन का केन्द्र है।
 
अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान म्यांमार सरकार ने उन्हे कई बार सम्मानित किया, जिसमें 2021 में दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान अभिध्वजा महारथा गुरू भी शामिल थे। वे चार विशिष्ट म्यामांर सम्मान पाने वाले पहले बौद्ध भिक्षु थे।
 
कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष उन्होने कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य और कुशीनगर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाये।
 
शिष्य उनके शिष्य देश और विदेश में फैले हुए है –
 
दिनांक 31.10.2025 को देहावसान के उपरान्त भिक्षु ज्ञानेश्वर की पार्थिव शरीर उनके देश-विदेश के शिष्यों के दर्शन हेतु वर्मीज पैगोडा में रखा गया है, जिसका अन्तिम संस्कार दिनांक 11.11.2025 को सुनिश्चित है।
Facebook Comments