Tuesday 13th of January 2026 09:53:27 AM

Breaking News
  • देवरिया में चला बुलडोजर,अवैध मजार ध्वस्त |
  • आर सी पी सिंह की जदयू में होगी वापसी मकर संक्रांति के बाद ,बोले -नीतीश कुमार और हम एक ही हैं|
  • मकर संक्रांति पर योगी सरकार का बड़ा फैसला , 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश का ऐलान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 29 Sep 2025 8:19 PM |   247 views

पुराने आलू को नया बनाने हेतु हानिकारक रसायन/अम्ल एवं रंगीन मिटटी का प्रयोग पाए जाने पर होगी विधिक कार्यवाही

लखनऊ: प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ0 रोशन जैकब ने बताया कि विभिन्न जनपदों से प्राप्त सूचनाओं एवं निरीक्षण के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आया कि पुराने आलू को नया आलू बनाकर विक्रय हेतु हानिकारक रसायन, अम्ल/लाल रंग, मिट्टी आदि का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कृत्य से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसी के दृष्टिगत 28 सितम्बर, 2025 को सम्पूर्ण प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत सभी जनपदों में छापेमारी एवं प्रवर्तन की कार्यवाही की गई।
 
डा0 जैकब ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को पुरानी आलू को कृत्रिम ढंग से नया आलू बनाकर बिक्री किये जाने के विभिन्न गतिविधियों पर रोकथाम के लिए जनपदों में स्थित आलू भण्डारण केन्द्र, कोल्ड स्टोरेज तथा आलू मंडी का निरीक्षण एवं प्रभावी प्रवर्तन कराने की कार्यवाही किये जाने के लिए निर्देशित किया।
 
उन्होंने 27 सितम्बर, 2025 को समस्त जिलाधिकारियों को भेजे हुए पत्र में कहा है कि विभिन्न माध्यमों से यह सूचना प्राप्त हो रही है कि पुराने आलू को हानिकारक रसायन/एसिड का प्रयोग कर आलू के छिलके को पतला कर उन्हें पुनः लाल रंग मिली मिट्टी से रगड़ कर नया आलू बनाकर बेचा जा रहा है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने जनपद में स्थापित समस्त कोल्ड स्टोरेज तथा आलू मंडी प्रमुख बाजारों में टीम गठित करते हुए जांच कराये एवं इस प्रकार की घटना की जानकारी होने पर उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही तथा जब्तीकरण/नष्टीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
 
आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान 737 निरिक्षण, 72 छापे, 35 नमूनों का एकत्रीकरण, आलू की जब्ती मात्रा- 754.59 क्विंटल (लगभग 8.49 लाख रुपये मूल्य) तथा कुल नष्ट किया गया। मानव उपभोग हेतु उपयुक्त न पाए जाने पर लगभग 5.6 क्विंटल 0.108 लाख रुपये मूल्य) है। उन्होंने बताया कि कानपुर नगर में 02 आलू नमूने लिए गए एवं 02 अपमिश्रक नमूने जब्त (11200 किग्रा) किया गया, बाराबंकी में 02 आलू नमूने लिए गए एवं 02 अपमिश्रक नमूने, जब्त (6900 किग्रा) किया गया। इसी प्रकार लखनऊ में 01 आलू नमूना लिए गए एवं जब्त (2300 किग्रा),उन्नाव में 07 आलू नमूने एवं 01 अपमिश्रक नमूना जब्त (19300 किग्रा), गाजीपुर में 01 आलू नमूना, जब्त (3498 किग्रा ), बनिया में 02 आलू नमूने लिए गए एवं 01 अपमिषक नमूना जब्त (1000 किग्रा) किया गया, गोरखपुर में 02 आलू नमूने लिए गए एवं 01 अपमिवक नमूना जास्त (12000 किग्रा) किया गया, तथा संभल में 02 आलू नमूने, जब्त (19260 किग्रा) जब्त किया गया है।
 
आयुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं के हित में यह सन्देश जारी किया जाता है कि पुराने आलू को नया बनाने हेतु हानिकारक रसायन/अम्ल, एवं रंगीन मिटटी अपमिश्रक का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। विभाग ने इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं तथा व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
Facebook Comments