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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 3 Sep 2025 7:01 PM |   539 views

गोंडा आर.ओ.एच. डिपो: रेलवे वैगनों की विश्वसनीयता और सुरक्षा का प्रतीक

लखनऊ- मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर /ईएनएचएम, फ्रेट व डीएम महेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे का गोंडा आर.ओ.एच. (रूटीन ओवरहालिंग) डिपो रेलवे वैगनों की विश्वसनीयता और परिचालन सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। यह डिपो न केवल वैगनों के अनुरक्षण और मरम्मत का केंद्र है, बल्कि प्रीमियम रेक परीक्षण और आर.ओ.एच. के लिए पूर्वोत्तर रेलवे का एकमात्र प्रमुख डिपो भी है। यहाँ उपलब्ध अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाएँ और तकनीकी विशेषज्ञता इसे रेलवे परिचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं।
 
वैगनों की जीवनरेखा-
रूटीन ओवरहालिंग (आर.ओ.एच.) एक ऐसी प्रक्रिया है जो प्रत्येक पी.ओ.एच. (पीरियॉडिक ओवरहालिंग) या निर्माण के दो वर्ष बाद वैगनों के अनुरक्षण के लिए की जाती है। इसके अंतर्गत वैगनों के अंडर गियर और बॉडी के महत्वपूर्ण हिस्सों जैसे व्हील और एक्सल, सी.टी.आर.बी., एयर ब्रेक सिस्टम और कप्लर की गहन मरम्मत और परीक्षण किया जाता है।
 
यह प्रक्रिया वैगनों की विश्वसनीयता को बढ़ाने के साथ-साथ परिचालन के दौरान होने वाली विफलताओं को कम करती है, जिससे रेलवे परिचालन की सुरक्षा और दक्षता में वृद्धि होती है। गोंडा आर.ओ.एच. डिपो में बी.सी.एन., बी.आर.एन., और बी.वी.सी.एम. प्रकार के वैगनों का अनुरक्षण किया जाता है।
 
गौरवशाली उपलब्धियाँ 
गोंडा आर.ओ.एच. डिपो ने अपने स्थापना काल से लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं|
1984: पहली बार रेक परीक्षण की शुरुआत।
मई 2006: प्रीमियम रेक परीक्षण की शुरुआत।
फरवरी 2019: 10 वैगनों प्रति माह के लक्ष्य के साथ आर.ओ.एच. डिपो का शुभारंभ।
मार्च 2019: पहले वैगन का आर.ओ.एच. कार्य पूर्ण।
मार्च 2021: 47 वैगनों का आर.ओ.एच. पूरा।
मार्च 2022: 103 वैगनों का आर.ओ.एच. कार्य संपन्न।
मार्च 2025: 154 वैगनों का आर.ओ.एच. पूर्ण।
अगस्त 2025: अब तक का सर्वाधिक 169 वैगनों का आर.ओ.एच., जो डिपो की कार्यक्षमता और समर्पण का प्रतीक है।
 
प्रीमियम रेक परीक्षण में अग्रणी- 
गोंडा डिपो पूर्वोत्तर रेलवे का एकमात्र ऐसा डिपो है जो प्रीमियम रेक परीक्षण और आर.ओ.एच. दोनों में विशेषज्ञता रखता है। यहाँ उपलब्ध सभी बुनियादी और मूलभूत सुविधाएँ वैगनों की गुणवत्ता और परिचालन दक्षता को सुनिश्चित करती हैं। डिपो की समर्पित टीम और आधुनिक तकनीक ने इसे रेलवे के अनुरक्षण क्षेत्र में एक मिसाल बनाया है।
 
भविष्य की योजनाएँ-
गोंडा आर.ओ.एच. डिपो न केवल अपनी वर्तमान उपलब्धियों पर गर्व करता है, बल्कि भविष्य में और अधिक वैगनों के अनुरक्षण और प्रीमियम रेक परीक्षण की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह डिपो रेलवे के परिचालन को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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