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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 26 Jul 2025 7:29 PM |   677 views

कर्म योग’ का अर्थ और आज के परिपेक्ष में उसकी प्रासंगिकता

गोरखपुर -स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज के आशीर्वाद से  पञ्चवर्ष पूर्ति महोत्सव के अंतर्गत आज शुक्रवार को  गीतावृति चंदना सेनगुप्ता  के घर पर ये कार्यक्रम आयोजित हुआ।प्रार्थना के साथ ये कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ।
 
इस कार्यक्रम में सब ने सस्वर 5 अध्यायो (12,14,15,16,17)का सामूहिक पारायण किया।
भागवत गीता के अध्याय 3 ‘कर्म योग’ का अर्थ और आज के परिपेक्ष में उसकी प्रासंगिकता, इस पर चन्दना ने बताया।
 
हमें भगवद्गीता क्यों पढ़नी चाहिए ,इससे एक विद्यार्थी को क्या-क्या लाभ होंगे? इसके महत्व पर चर्चा की गई।
 
इस कार्यक्रम में सत्यार्थ प्रकाश कक्षा 5 के और अभ्युदय दुबे कक्षा 6 के विद्यार्थी, गीतासेवी श्वेता मेहरोत्रा, सरिता , रूपम, चंद्रमणि ओझा , अजय चौबे , दीपक गुप्ता ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का समापन गीता आरती के साथ हुआ।
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