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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 9 May 2025 6:20 PM |   467 views

पैना है वीरांगनाओं की धरती:असीम अरुण

देवरिया -1857 की क्रांति में पैना के क्रांति वीरों ने वीरता का जो उदाहरण प्रस्तुत किया| उसे याद कर हम धन्य हो जाते हैं। उनकी गौरव गाथा की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है।उक्त उद्गार प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने व्यक्त किया। उन्होंने शहीद स्थल को पर्यटक स्थल घोषित कराने के लिए भरपूर प्रयास करने के साथ ही कैंप लगाकर वृद्धा पेंशन स्वीकृत कराने का भी आश्वासन दिया।
 
उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इस गांव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गांववासियों ने अंग्रेज़ों से जमकर लोहा लिया। लगभग दो महीने तक यह क्षेत्र स्वतंत्र रहा। सैंकड़ों महिलाओं ने यहां जल समाधि भी ली इसलिए इस गांव को ‘वीरांगनाओं की धरती’ भी कहते हैं। उनके अतुलनीय बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा
 
पूर्व प्राचार्य प्रोफ़ेसर अजय मिश्र ने कहा 1857 की क्रांति में दो माह तक ब्रितानी हुकूमत से अपने को स्वतंत्र रखने का  वीरता पूर्ण कार्य पैना के ठाकुर सिंह की पल्टन ने किया था। 31 जुलाई1857 को जब गांव को  तीन तरफ़ से घेरकर ब्रितानी सैनिकों ने गोलीबारी की तब 395 वीरों ने अपनी शहादत और 95 वीरांगनाओ ने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जल जौहर का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया । यह स्थल देशहित बलिदान होने का प्रतीक है। जो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत्र है कि इसके उत्थान में हम सभी को हर संभव प्रयास करना होगा। 
 
कार्यक्रम के संयोजक भाजपा के पूर्वोत्तरराज्यों  के पूर्व संगठक सत्येंद्र  तिवारी, राष्ट्रीय  स्वयं सेवक संघ ने इस दिशा में कार्य करने को ठाना है जो वीर सपूत देश हित सर्वोच्च त्याग किये और उन्हें इतिहास में स्थान नहीं मिला उन्हें उचित सम्मान दिलाने की दिशा में कार्य करना होगा। उसी कड़ी में स्वराज  कार्यक्रम के तहत पैने के शहीदों के परिजनों को आज सम्मानित करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।
 
तिवारी ने कहा कि लोक जीवन में रहते हुए ऐसे पवित्र स्थान को सजाने और संवारने का संकल्प लेकर कार्य करना है। पैना के वीर सपूतों ने और वीरांगनाओं ने 1857 की क्रांति में सर्वोच्च त्याग का जो अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया वह अनुकरणीय है।
 
समारोह को अंतरराष्ट्रीय  पहलवान केशव सिंह, घंश्याम सिंह, यशवंत सिंह, पूर्व मंत्री स्वर्गीय प्रेमप्रकाश सिंह के पुत्र शक्ति वर्धन सिंह, प्रधान रवि प्रताप सिंह, अशोक सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, नपा के पूर्व अध्यक्ष अजीत जायसवाल, पूर्व सभासद सचिन विजय कुमार सिंह, रिंकू अंशु दीक्षित, भाजपा  जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया। 
 
मुख्य अतिथि  के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने आयोजक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। मुख्य अतिथि के साथ अन्य अतिथियों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित किया और सती मंदिर में भी पुष्प अर्पित कर किया। आयोजक सत्येंद्र  तिवारी और मुख्य अतिथि ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ।
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