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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 9 Nov 2024 5:30 PM |   470 views

पराली जलाने के दुष्परिणामों पर जागरूकता के लिए जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

देवरिया -प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू” योजना के अंतर्गत, फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों से किसानों को अवगत कराने और इसे न जलाने से भूमि में होने वाले लाभों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जनपद के प्रत्येक विकास खंड में प्रचार-प्रसार वाहन चलाए जाने का शुभारंभ आज जिलाधिकारी कार्यालय से जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने हरी झंडी दिखाकर किया।
 
इस दौरान जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कृषकों से अपील की कि वे फसल कटाई के बाद खेतों में बचे हुए अवशेष (पराली) को न जलाएं। पराली जलाने से खेत की उर्वरकता प्रभावित होती है और इससे निकलने वाला धुआं पर्यावरण के साथ-साथ मानव और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। इसके अतिरिक्त, पराली जलाने पर शासन द्वारा अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया है।
 
कृषि भूमि का क्षेत्रफल 2 एकड़ से कम होने पर रु 2500, 2 से 5 एकड़ के बीच होने पर रु 5000, और 5 एकड़ से अधिक होने पर रु15000 प्रति घटना का जुर्माना लगाया जाएगा।
 
उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य ने बताया कि फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों के बारे में किसानों को जागरूक करने हेतु रोस्टर के अनुसार निर्धारित तिथि और विकास खंड में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया गया है। इसके लिए 09 नवंबर को ब्लॉक देवरिया सदर, रामपुर कारखाना, तरकुलवा, पथरदेवा, 11 नवंबर को देसही देवरिया, बैतालपुर, गौरीबाजार, रुद्रपुर, 12 नवंबर को भलुअनी, बरहज, भागलपुर, बनकटा तथा 13 नवंबर को लार, भाटपार रानी एवं सलेमपुर में प्रचार-प्रसार अभियान का आयोजन किया जाएगा।
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