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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 29 Aug 2024 4:32 PM |   615 views

खण्ड शिक्षा अधिकारी निपुण विद्यालय बनाना सुनिश्चित करें – डीएम

गोण्डा – गुरूवार को डीएम नेहा शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में बेसिक शिक्षा-जिला टास्क फ़ोर्स बैठक की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्माण प्रोग्रेस रिपोर्ट, मिड डे मील, जर्जर विद्यालयों के ध्वस्तीकरण, विद्यालयों में विद्युतीकरण, बीआरसी की मरम्मत, पीएम श्री के तहत विद्यालयों के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट, डीबीटी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के विभिन्न पैरामीटर पर सेचुरेशन और ऑपरेशन कायाकल्प में 19 पैरामीटर पर स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की समीक्षा की गई। 
 
जिलाधिकारी ने स्कूलों के निरीक्षण में जिला टास्क फोर्स और ब्लॉक टास्क फोर्स के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों को निर्धारित निरीक्षण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना के तहत चाहर दिवारी, शौचालय, पेयजल आदि 19 बिंदुओं पर विद्यालयों का कायाकल्प सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों हेतु सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई निशुल्क पुस्तकों को कार्यालय में डंप ना किया जाए। विद्यालय तक शतप्रतिशत पुस्तक पहुंचाई जाए यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रदर्शित होंगी तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही जरूर की जाएगी। 
 
जिलाधिकारी ने कहा कि निपुण भारत मिशन में जितने भी पैरामीटर हैं उनमें से सबसे कम प्रदर्शन करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों की सूची बनाई जाए कि वे किन-किन पैरामीटर में पीछे हैं, तभी स्पष्ट जिम्मेदारी तय हो सकेगी। 
 
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए की विद्यालयों के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और संबंधित को हैंडओवर किया जाए। निर्माण के दौरान गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। जल्द से जल्द समय के अंदर ही निर्माण कर पूरा कराया जाए। 
 
“इंस्पायर अवॉर्ड योजना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक योजना है इसका मकसद स्कूली बच्चों में रचनात्मकता और नई सोच को बढ़ावा देना है| इस योजना के तहत, 6वीं से 10वीं कक्षा के छात्रों को विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों में 1 लाख से ज़्यादा मूल विचारों या नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाता है।
 
इस योजना के तहत, छात्रों को मॉडल तैयार करने के लिए 10,000 रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद, 10,000 रुपये में से एक हज़ार छात्रों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के लिए किया जाता है।
 
इसके बाद, शीर्ष 60 नए आइडिया वाले मॉडल को राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित किया जाता है। साथ ही, इन मॉडलों को आईआईटी और एनटीए जैसे संस्थानों के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी दिखाया जाता है।*
 
इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत, एक और घटक है, ‘प्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान में नवाचार’ (INSPIRE) इस घटक के तहत, 17 से 22 साल के मेधावी छात्रों को हर साल 12,000 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। इन छात्रवृत्तियों का मकसद, उन्हें स्नातक स्तर पर बुनियादी और प्राकृतिक विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इन छात्रवृत्तियों के साथ-साथ, छात्रों को मार्गदर्शन के अवसर भी दिए जाते हैं|
 
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन, परियोजना निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे, विद्युत विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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