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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 21 Jun 2024 4:45 PM |   343 views

मोदी को छात्रों की नहीं, बल्कि अपनी सरकार को बचाने की चिंता है: राहुल गांधी

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी को केवल इस बात की चिंता है कि कैसे अपने व्यक्ति को लोकसभा का अध्यक्ष नियुक्त करके अपनी सरकार को बचाया जाए, उन्हें पेपर लीक को लेकर छात्रों की चिंता नहीं है। राहुल ने कहा, हिंदुस्तान में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। नीट और यूजीसी-नेट के पेपर लीक हुए हैं। भाजपा समर्थकों द्वारा दावा किया जाता है कि नरेंद्र मोदी युद्ध रुकवा देते हैं, लेकिन वो या तो पेपर लीक रोक नहीं पा रहे हैं या रोकना ही नहीं चाहते हैं।

देश के छात्रों से सीधा संवाद करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, हिंदुस्तान के छात्र परीक्षाओं के लिए वर्षों मेहनत करते हैं। उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाला हुआ, जिसे नरेंद्र मोदी पूरे देश में फैला रहे हैं। पेपर लीक का कारण है कि सभी शिक्षण संस्थानों पर भाजपा और उसके मातृ संगठन के लोगों ने कब्जा कर रखा है, जो संस्थान पहले निष्पक्ष हुआ करते थे, आज एक विचारधारा के साथ चलने लगे हैं। इन संस्थानों में असमर्थ लोगों को एक विचारधारा के हिसाब से बैठा दिया गया है। जब तक हिंदुस्तान के संस्थानों को भाजपा के हाथों से छीनकर ईमानदार और निष्पक्ष लोगों को वापस नहीं सौंपा जाएगा, पेपर लीक होते रहेंगे।

राहुल गांधी ने कहा, पेपर लीक एक राष्ट्र विरोधी गतिविधि है, क्योंकि इससे युवाओं को जबरदस्त चोट पहुंचती है। इसलिए पेपर लीक के जिम्मेदारों को पकड़ा जाना चाहिए और उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल ने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करने के साथ ही, पेपर लीक रोकने के लिए वर्तमान व्यवस्था में बदलाव करने की ज़रूरत की बात कही। संसद सत्र के दौरान परीक्षा में हुई धांधली के मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा और विपक्ष दबाव डालकर, सरकार से ये दोनों काम कराने की कोशिश करेगा।

नीट परीक्षा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा एनटीए को क्लीन चिट दिए जाने के सवाल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, मोदी सरकार कितनी भी क्लीन चिट दे, उनकी विश्वसनीयता शून्य है। सब लोग जानते हैं कि पेपर लीक का स्रोत मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश है। भारत जोड़ो यात्राओं के दौरान पेपर लीक की शिकायतें सबसे ज्यादा इन्हीं प्रदेशों के छात्रों ने की थी।

 
 
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