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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Nov 2023 4:07 PM |   1810 views

प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य डाक्टरेट आफ साइन्स से सम्मानित हुए

देवरिया जनपद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र मल्हनी भाटपार रानी  से प्राथमिक से इण्टर मीडिएट (कृषि) की शिक्षा प्राप्त कर  बाबा राघवदास स्नातकोत्तर महाविधालय  देवरिया  से स्नातकोत्तर (कृषि) की उपाधि प्राप्ति के बाद प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने नौकरी की  प्रारंभिक सेवा  मई 1985 से कृषि विज्ञान केन्द्र सुल्तानपुर से  की ।
 
1992 से 5 मार्च 1998 तक के.वी.के.कैमुर  बिहार में प्रिन्सिपल के पद पर  रहे । उसके बाद आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारग़ंज अयोध्या में असिस्टेंट प्रोफेसर से सेवा प्रारंभ कर विभिन्न पदों पर रहें।  तथा नवंबर 2021में प्रोफेसर/ वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष के पद  से सेवानिवृत्त हुए।
 
इनकी  36 बर्षो से अधिक की कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा कार्यो, अनुभवों, प्रकाशनों  आदि को देखते हुए   वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी नई दिल्ली ने डाक्टरेट इन साइन्स इन एग्रीकल्चर ( डी.एससी. कृषि विज्ञान)   विशेषज्ञता पौध स्वास्थ्य ( हानिकारक कीट) प्रबंधन  मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
 
यह उपाधि दिल्ली के अशोक होटल में प्रदान किया है।  यह उपाधि पीएच.डी.के बाद होती है। 
 
सेवा निवृत्त के बाद प्रो.मौर्य ने एक प्रोफेसर रवि सुमन कृषि एवं ग्रामीण विकास ( प्रसार्ड) ट्रस्ट   की स्थापना फरवरी 2022  में अपने पैत्रिक गाँव मल्हनी ( भाटपार रानी  देवरिया) में की  है। जिसके निदेशक / अध्यक्ष है। जिसके माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण विकास से सम्बंधित नई तकनीक क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों के बीच विभिन्न माध्यमों से पहुँचाने का प्रयास करते है। 64 बर्षो की आयु में भी काफी सक्रिय भूमिका ग्रामीणों के बीच निभा रहे है।
 
 
 
 
 
 
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