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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 13 Jul 2023 6:51 PM |   479 views

प्रतिबन्धित प्रजाति की मछलियों को मौके पर कराया गया नष्ट

बलरामपुर -प्रतिबंधित प्रजाति की मछलियों की विक्रय को रोकने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्यहाट / मत्स्य विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया जिसमें मो0 अल्ताब मत्स्य विक्रेता स्थल नहरिया बलरामपुर, मो० हुसैन पुत्र मो० अली एवं मो० समीर पुत्र इस्माइल निवासी रेहरा बाजार के पास प्रतिबन्धित प्रजाति की मछलियां थाई मांगुर भारी मात्रा में पायी गयीं।

निरीक्षण में सहायक निदेशक मत्स्य, डा० विनोद कुमार वर्मा एवं ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक रेवती रमण चौधरी मोजूद रहे।

प्रतिबन्धित प्रजाति की मछलियों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया तथा मत्स्य विक्रेताओं को वैधानिक चेतावनी दी गई कि भविष्य में उक्त प्रजाति की मछलियों के पालन पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 270 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि थाई मांगुर मांसाहारी प्रजाति की मछली होती है जिसे मत्स्य पालक स्लाटर हाउस से निकले हुए जानवरों के अवशिष्ट मांस खिलाते हैं जिससे जल प्रदूषण फैलता है। ये मछलियां देशी प्रजाति के मछलियों को खा जाती हैं जिससे पारिस्थितिकीय असंतुलन होने का खतरा रहता है।

इन मछलियों में भारी मात्रा में लेड पाया जाता है जिससे मष्तिक कैंसर हो सकता है। इन कारणों से इन मछलियो के पालन विपणन मत्स्य बीज उत्पादन पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा रोक लगायी गई है।

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