Wednesday 22nd of July 2026 03:36:38 PM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 Jul 2023 6:58 PM |   433 views

प्राचार्य आई०टी०आई० को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश

देवरिया- मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में आज आकांक्षात्मक विकास खण्ड-गौरीबाजार में वेबसाइट पर फीड कराये गये आंकड़ों की समीक्षा की गई। उक्त बैठक में सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
 
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित इंडीकेटर्स मैम (MAM) बच्चों की प्रगति अत्यंत खराब पायी गई है। मार्च, 2023 की रैंकिंग में इस मद में 58वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी, गौरीबाजार को चेतावनी निर्गत करने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को अनुश्रवण कर प्रगति में सुधार कराने के निर्देश दिये।
 
चिकित्सा विभाग के इंडीकेटर्स प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव, गोल्डेन कार्ड की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष संतोषजनक नहीं पायी गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी, गौरीबाजार को चेतावनी जारी करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को अनुश्रवण कर प्रगति में सुधार कराने के निर्देश दिये गये।
 
पशुपालन विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की प्रगति असंतोषजनक पायी गई। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को स्वयं अनुश्रवण कर प्रगति में सुधार के निर्देश दिये गये ।
 
संस्थागत वित्त- बैंकिंग सेक्टर द्वारा संचालित मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, आधार सीडिंग, प्रधानमंत्री जन-धन योजना की प्रगति खराब पायी गई।
 
लीड बैंक मैनेजर को कड़े निर्देश दिये गये कि प्रगति में सुधार करायें। कौशल मिशन के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों, युवाओं के प्रशिक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों की प्रगति अत्यंत ही खराब पायी गई।
 
प्राचार्य, आई०टी०आई० को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुऐ प्रगति में सुधार कराने के निर्देश दिये गये है।
 
अन्त में सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि मुख्यालय स्तर से फीड किये गये लक्ष्य की स्वयं समीक्षा कर लें, यदि लक्ष्य में संशोधन की आवश्यकता हो तो अपने निदेशालय से सम्पर्क कर लक्ष्य संशोधित करायें, अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित विभागीय अधिकारी स्वयं ही उत्तरदायी होंगे
Facebook Comments