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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Jul 6:26 PM |   84 views

बेल वाली फसलों में बांस

संत कबीर नगर- कृषि विज्ञान केन्द्र बगही संत कबीर नगर के वैज्ञानिक (कृषि वानिकी) तरुण कुमार सिंह एवं वैज्ञानिक(कृषि प्रसार) राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि बेल वाली फसलों में बांस की उपयोगिता बांस घास परिवार (पोएसी) का सदस्य है, जिसके परिवार के सदस्यों में सबसे तेज विकास दर है।
 
बांस के विभिन्न उपयोगों में, बांस का जाल खीरे तथा अन्य बेल वाली फसलों के लिए बहुत  कारगर माना जाता है बेल वाली फसलों को बांस के बने जाल पर ऊपर चढ़ा दिया जाता है तथा फल जाल पर लटक जाते हैं  बिना लटके फल सीधे मिट्टी को छूते हैं और फलों के संलग्न हिस्से में विशिष्ट निशान दिखाई देते हैं। इस प्रकार के चिह्नित फल अपनी चमक खो देते है और अचिह्नित फलों की तुलना में बाजार मूल्य कम कर देते हैं। 
 
उन्होंने बताया कि चमकते हुए फल अच्छे बाजार मूल्यों के लिए उपयुक्त होते है और और यह तरीका फसल तोड़ने के लिए भी आसान होता हैं। तथा बेल खेत में पानी भर जाने पर जमीन के संपर्क में नहीं आती है जिससे उसे गलने से बचाया जा सकता है बेल के ऊपर होने से उसमें हवा का आदान-प्रदान सुनिश्चित रूप से होता रहता है|
 
जिससे फल और फूल की गुणवत्ता बनी रहती है तथा किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिलता है जिससे उनकी दोगुनी हो रही है बांस की प्रजातियों का चयन मुख्य रूप से किसान की पसंद, निर्माण के लिए इसकी उपयोगिता, कृषि उपकरण, बाजार मूल्य और स्पष्ट रूप से इलाके में प्रजातियों को उगाने के लिए जलवायु उपयुक्तता पर निर्भर करता है।
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