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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 Feb 4:13 PM |   661 views

बेमौसम बरसात से फसलों पर प्रभाव

अयोध्या- इस समय  कड़ाके की ठंड में बेमौसम  बरसात ए्वं ओला बृष्टि   होने  से पशु ,पंछी ,मानव एवं खेतों में लगी अधिकतर फसलों  के लिये काफी  नुकसानदेह है। 
 
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्व विद्यालय कुमारगंज अयोध्या  के सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं  अध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश मौर्य  ने  बताया  कि पूर्वी उ.प्र. में  अगैती लतावर्गीय सब्जियों  लौकी, कद्द्, नेनुआ, करेला, खीरा ,ककडी़,  तथा अन्य  भिण्डी ,टमाटर ,लोविया  की फसलों  के लिये  बर्षा ए्वं ओलावृष्टि काफी नुकसान दायक  है। 
 
ओलावृष्टि से  नाजुक पत्तियां फट जायेगी  , सब्जियों में लगे फूल  झड़  जायेंगे। दलहनी फसलों चना ,मटर ,मसूर, एवं अरहर में लगे फूल प्रभावित होगे।वही गेहूँ गन्ना व मक्का की फसल के लिए लाभकारी है। परन्तु ज्यादा पानी लगने  एवं तेज हवा के चलने से गन्ना, गेहूँ, मक्का एवं अन्य फसलें गिर सकती है।
 
पानी खेत से निकलने की ब्यवस्था सुनिश्चित करे।  मौका मिलते ही खाली खेत की गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें। इससे मिट्टी मे छिपे हानिकारक कीट ,जीवाणु एवं खरपतवार  मर जायेंगे। यह जुताई जायद फसलों के लिये काफी  लाभकारी होगा । जायद/ गर्मी/ बसंत काल  में लगायी जाने वाली  फसलों , उर्द ,मूंग,  कददू वर्गीय सब्जियों, टमाटर, बैगन, मिर्च आदि  हेतु बीज, उर्वरक, एवं  अन्य आवश्यक निवेशों की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। 
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